तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर बढ़ा राजनीतिक संकट

Vijay के नेतृत्व वाली Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बयान देकर हलचल मचा दी है। पार्टी ने साफ कहा है कि यदि Dravida Munnetra Kazhagam और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam मिलकर सरकार बनाने की कोशिश करते हैं, तो TVK के सभी 107 विधायक सामूहिक इस्तीफा दे देंगे।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के बाद राज्य में सरकार गठन को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है, जबकि TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और उसे 108 सीटें मिली हैं। हालांकि संवैधानिक नियमों के तहत विजय को अपनी एक सीट छोड़नी होगी, जिसके बाद पार्टी की प्रभावी संख्या 107 रह जाएगी।


कांग्रेस के समर्थन के बावजूद बहुमत से दूर TVK

TVK को Indian National Congress के 5 विधायकों का समर्थन मिला है, जिससे उसका आंकड़ा 112 तक पहुंच गया है। इसके बावजूद पार्टी बहुमत से 6 सीटें दूर है।

राज्यपाल R. N. Ravi (लेख में उल्लिखित राज्यपाल संदर्भ) का कहना है कि विजय पहले पर्याप्त समर्थन पत्र प्रस्तुत करें, उसके बाद ही सरकार गठन पर विचार किया जाएगा। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दल राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।


BJP पर विपक्ष का बड़ा आरोप

विपक्षी दलों का आरोप है कि Bharatiya Janata Party पर्दे के पीछे से राजनीतिक समीकरण साधने में लगी हुई है। आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि बीजेपी चाहती है कि TVK और AIADMK मिलकर सरकार बनाएं ताकि राज्य में उसका अप्रत्यक्ष प्रभाव बना रहे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर DMK और AIADMK साथ आते हैं तो तमिलनाडु की राजनीति में यह एक बड़ा और अप्रत्याशित बदलाव होगा। हालांकि अभी तक दोनों दलों की ओर से गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।


DMK और AIADMK की बढ़ती नजदीकियों से TVK चिंतित

सूत्रों के अनुसार TVK नेतृत्व को जानकारी मिली है कि M. K. Stalin की DMK और Edappadi K. Palaniswami की AIADMK के बीच बैकचैनल बातचीत चल रही है।

चुनाव में DMK को 59 सीटें जबकि AIADMK को 47 सीटें मिली थीं। दोनों दल अकेले सरकार बनाने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन यदि वे साथ आते हैं तो TVK को सत्ता से दूर रखा जा सकता है।

TVK का कहना है कि जनता ने सबसे ज्यादा समर्थन उनकी पार्टी को दिया है, इसलिए किसी “अपवित्र गठबंधन” के जरिए सरकार बनाना जनादेश का अपमान होगा।


तमिलनाडु की राजनीति में आगे क्या?

तमिलनाडु में फिलहाल राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है। सभी की नजरें अब राज्यपाल के अगले कदम और संभावित गठबंधन समीकरणों पर टिकी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो राज्य में संवैधानिक संकट और गहरा सकता है।

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