NEET UG Result 2026 जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने OMR शीट बदलने, उत्तर कुंजी के मुकाबले बेहद कम अंक मिलने और स्कोरकार्ड में अचानक नंबर घटने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। विवाद बढ़ने पर NTA ने शिकायतों की जांच शुरू करने के साथ फर्जी या AI से तैयार OMR शीट जमा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
नई दिल्ली: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 का परिणाम जारी होने के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। देश के अलग-अलग हिस्सों से कुछ अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों ने दावा किया है कि आधिकारिक उत्तर कुंजी से निकाले गए अंकों और स्कोरकार्ड में दर्ज अंकों के बीच भारी अंतर है।
कुछ विद्यार्थियों ने उनके अकाउंट पर किसी अन्य OMR शीट के अपलोड होने का आरोप लगाया है, जबकि एक छात्रा ने दावा किया कि रात में दिखाई दे रहे उसके अंक सुबह तक बदल गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, OMR शीट और स्कोरकार्ड के स्क्रीनशॉट ने परीक्षा की पारदर्शिता पर नई बहस छेड़ दी है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA का कहना है कि शिकायतों की बारीकी से जांच की जा रही है।
21 जून को दोबारा आयोजित हुई थी NEET परीक्षा
NEET UG 2026 की मूल परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद इसे रद्द कर 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित किया गया था। दो लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने कथित रूप से री-एग्जाम में हिस्सा नहीं लिया। NTA ने 16 जुलाई को री-NEET का परिणाम घोषित किया।
परिणाम जारी होने के बाद लगभग 11.21 लाख अभ्यर्थियों के मेडिकल, डेंटल, आयुष और संबंधित स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए क्वालिफाई करने की जानकारी सामने आई। इसके कुछ ही समय बाद OMR शीट और अंकों में कथित अंतर की शिकायतें सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगीं। मूल रिपोर्ट
702 अंक की उम्मीद, स्कोरकार्ड में केवल 87 अंक का दावा
महाराष्ट्र के वाडवणी की अभ्यर्थी ज्ञानेश्वरी पवार के परिवार ने आरोप लगाया कि NTA के पोर्टल पर उपलब्ध OMR शीट वह नहीं थी, जिसे छात्रा ने परीक्षा केंद्र पर भरा था।
परिवार का दावा है कि परीक्षा के बाद सुरक्षित रखे गए प्रश्नपत्र और आधिकारिक उत्तर कुंजी के आधार पर छात्रा के करीब 702 अंक बन रहे थे। इसके विपरीत, आधिकारिक स्कोरकार्ड में केवल 87 अंक दिखाई दिए। परिवार ने इस बड़े अंतर की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
522 अंक की गणना, रिजल्ट में मिले 95
एक अन्य अभ्यर्थी सोहम गावटे के परिवार ने आधिकारिक उत्तर कुंजी के आधार पर 522 अंक मिलने की उम्मीद जताई थी। परिवार के अनुसार, जारी स्कोरकार्ड में केवल 95 अंक दर्ज किए गए।
अभ्यर्थी के पिता का कहना है कि इस घटनाक्रम का छात्र की मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ा और परिवार को पेशेवर काउंसलिंग की सहायता लेनी पड़ी। उन्होंने दावा किया कि संतोषजनक समाधान नहीं मिलने पर वे कानूनी रास्ता अपना सकते हैं।
रात में 540, सुबह स्कोर घटकर 167 होने का आरोप
कानपुर की एक छात्रा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया कि परिणाम देखने पर शुरुआत में उसके 540 अंक दिखाई दे रहे थे, लेकिन अगले दिन स्कोरकार्ड में केवल 167 अंक नजर आए।
छात्रा ने अपने दावे के समर्थन में कथित स्क्रीनशॉट, उत्तर कुंजी और NTA तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेजी गई शिकायत की प्रतियां भी साझा की हैं। उसने सवाल उठाया कि कुछ घंटों के भीतर उसके अंकों में इतना बड़ा बदलाव कैसे हो गया।
एक अन्य परिवार ने भी उत्तर कुंजी से 660 अंक बनने के बावजूद स्कोरकार्ड में 116 अंक मिलने का आरोप लगाया है। प्रभावित अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री से शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
NTA ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद NTA ने कहा कि एजेंसी सभी शिकायतों की निगरानी और जांच कर रही है। एजेंसी के अनुसार, जांच के लिए भेजी गई कुछ OMR शीट फर्जी, छेड़छाड़ वाली या AI से तैयार पाई गई हैं।
NTA ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से केवल मूल OMR शीट उपलब्ध कराने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि फर्जी अथवा AI से बनाई गई OMR शीट प्रस्तुत करने वाले शिकायतकर्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, पुणे से जुड़े एक विवादित मामले की जांच में NTA ने OMR शीट को AI से तैयार बताया, जबकि बीड के एक मामले में दस्तावेज से छेड़छाड़ मिलने की बात कही गई। NTA जांच से जुड़ी रिपोर्ट
यह भी महत्वपूर्ण है कि कुछ OMR दस्तावेज फर्जी मिलने का अर्थ यह नहीं है कि सभी अभ्यर्थियों की शिकायतें गलत साबित हो गई हैं। प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण जरूरी होगा।
NEET UG 2026 में किसने किया टॉप?
NEET UG 2026 के री-एग्जाम में पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक प्राप्त किए। टाई-ब्रेकर नियम के आधार पर उनकी रैंक निर्धारित की गई।
रिपोर्ट में दिए गए परिणाम संबंधी प्रमुख आंकड़े:
- 19 अभ्यर्थियों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए।
- 1,492 अभ्यर्थियों के 650 या उससे अधिक अंक रहे।
- 10,160 अभ्यर्थियों ने 600 या उससे अधिक स्कोर किया।
- 90,780 अभ्यर्थियों को 500 या उससे अधिक अंक मिले।
- लगभग 11.21 लाख उम्मीदवार क्वालिफाई हुए।
शिकायत करने से पहले सुरक्षित रखें ये दस्तावेज
जिन अभ्यर्थियों को अपने परिणाम या OMR शीट में किसी प्रकार की गड़बड़ी का संदेह है, उन्हें निम्न दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए:
- NTA पोर्टल से डाउनलोड की गई मूल OMR शीट
- आधिकारिक स्कोरकार्ड की PDF
- प्रोविजनल और फाइनल उत्तर कुंजी
- एडमिट कार्ड और आवेदन संख्या
- डाउनलोड की तारीख और समय वाले स्क्रीनशॉट
- NTA को भेजे गए ईमेल या शिकायत की प्रति
अभ्यर्थियों को सोशल मीडिया पर अपुष्ट या एडिट किए गए दस्तावेज साझा करने से बचना चाहिए और अपनी शिकायत केवल आधिकारिक माध्यम से दर्ज करानी चाहिए।
पारदर्शी जांच की बढ़ी मांग
NEET देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। इसके परिणाम से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य जुड़ा होता है। ऐसे में OMR शीट या अंकों में अंतर की प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और पारदर्शी निपटारा जरूरी है।
अभ्यर्थियों की मांग है कि NTA शिकायतों की जांच पूरी करने के बाद प्रत्येक मामले का स्पष्ट जवाब जारी करे। वहीं फर्जी दस्तावेज फैलाने वालों पर कार्रवाई के साथ वास्तविक शिकायत करने वाले विद्यार्थियों को भी अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिलना चाहिए।
नोट: लेख में उल्लिखित अंक और OMR शीट संबंधी बातें अभ्यर्थियों तथा उनके परिवारों के दावे हैं। इनकी अंतिम पुष्टि संबंधित मामलों की आधिकारिक जांच के बाद ही होगी।
