राकिब खान डीग

डीग, राजस्थान सरकार के ‘सेवा पर्व पखवाड़ा’ के अंतर्गत डीग जिले में आयोजित हो रहे ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर आमजन के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। शनिवार को जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित शिविरों में वर्षों से लंबित पड़े मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जिससे लाभार्थियों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। इन शिविरों ने न केवल लोगों को उनके हक के दस्तावेज दिलाए, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे आपसी विवादों को सुलझाकर सामाजिक सौहार्द को भी मजबूती दी।

पट्टे से मिला आर्थिक संबल और मानसिक शांति

शिविरों में सबसे अधिक उत्साह आवासीय पट्टों को लेकर देखा गया, जो कई लोगों के लिए स्वरोजगार और सम्मानजनक जीवन का आधार बने।

ग्राम पंचायत पाई के निवासी विजय सिंह अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंक से लोन लेना चाहते थे, लेकिन उनके पास गारंटी के तौर पर रखने के लिए मकान का पट्टा नहीं था। शिविर में उन्हें आसानी से पट्टा मिल गया, जिससे उनके स्वरोजगार का रास्ता खुल गया।

वहीं, पाई गाँव की ही श्रीमती मुन्दर अपने मकान का पट्टा न होने के कारण पड़ोसियों के तानों और विवादों से परेशान थीं। शिविर में पट्टा मिलने पर उन्होंने भावुक होकर कहा, “अब मैं अपने घर में सम्मान से रह सकूंगी। सरकार ने मेरी बहुत बड़ी चिंता दूर कर दी।”

इसी तरह कुम्हेर उपखण्ड की ग्राम पंचायत रूंधहेलक में बृजमोहन सिंह, राजवीर सिंह और गजराज सिंह को स्वामित्व योजना के तहत पट्टे जारी किए गए, जिससे वे अब बैंक से ऋण लेकर अपना काम शुरू कर सकेंगे।

वर्षों पुराने जमीनी विवादों का मौके पर निस्तारण

इन शिविरों की एक और बड़ी सफलता भूमि से जुड़े पुराने विवादों को सुलझाने में रही।

उपखंड सीकरी की ग्राम पंचायत नांगल में सहखातेदार आविद, फारुक और शाहरुख का लंबे समय से अटका हुआ भूमि विभाजन का मामला तहसीलदार ने मौके पर ही सुलझा दिया।

डीग उपखण्ड की ग्राम पंचायत पास्ता में भी नरेश और विकास नामक दो भाइयों का 3 साल पुराना शामलाती खाते का विवाद हलका पटवारी और शिविर प्रभारियों के सहयोग से तुरंत सुलझा दिया गया, जिससे दोनों भाइयों ने प्रशासन का आभार जताया।

सरकारी सेवाएं हुईं सुलभ, घर बैठे मिला समाधान

शिविरों के माध्यम से आमजन को रोजमर्रा की सरकारी सेवाओं के लिए अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। जुरहरा तहसील के जुरहरी गाँव निवासी पप्पू को अपनी स्वर्गीय माताजी का मृत्यु प्रमाण पत्र अपने गाँव में लगे शिविर में ही तुरंत मिल गया। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से उनके समय और धन दोनों की बचत हुई।

अतः, ये शिविर ‘सेवा पर्व पखवाड़ा’ के माध्यम से सुशासन को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के सरकार के संकल्प को सिद्ध कर रहे हैं, जहाँ सेवाभाव से प्रेरित होकर प्रशासन जनता के द्वार पर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। सभी लाभार्थियों ने इन जनकल्याणकारी शिविरों के सफल आयोजन के लिए माननीय मुख्यमंत्री, गृहराज्य श्री जवाहर सिंह बेढम और स्थानीय जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *