स्कूल में छापा: 1.77 करोड़ कैश बरामद, सिक रूम से मिले गर्भनिरोधक पैकेटस्कूल में छापा: 1.77 करोड़ कैश बरामद, सिक रूम से मिले गर्भनिरोधक पैकेट

पश्चिम बंगाल के स्कूल में छापेमारी से मचा हड़कंप

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा स्थित एक निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये नकद बरामद होने से इलाके में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई के दौरान स्कूल के सिक रूम से गर्भनिरोधक पैकेट मिलने के बाद मामला और भी रहस्यमय बन गया है।

भाजपा विधायक की सूचना पर हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा स्थित निजी स्कूल में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई भाजपा विधायक सुदीप्त दास द्वारा दी गई सूचना के आधार पर की गई थी।

तलाशी के दौरान अधिकारियों को स्कूल परिसर में बड़ी मात्रा में नकदी मिली। नकदी की मात्रा इतनी अधिक थी कि उसे गिनने के लिए विशेष मशीनें मंगानी पड़ीं।

1 करोड़ 77 लाख रुपये नकद बरामद

पूरी रात चली गिनती के बाद अधिकारियों ने लगभग 1 करोड़ 77 लाख रुपये नकद बरामद होने की पुष्टि की। इतनी बड़ी रकम स्कूल परिसर से मिलने के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी राशि स्कूल में किस उद्देश्य से रखी गई थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

सिक रूम से मिले गर्भनिरोधक पैकेट

छापेमारी के दौरान स्कूल के सिक रूम की एक अलमारी से गर्भनिरोधक पैकेट भी बरामद किए गए। इस खुलासे ने मामले को और अधिक संवेदनशील और चर्चित बना दिया है।

हालांकि, अभी तक अधिकारियों ने इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन बरामद सामग्री की जांच जारी है।

दो कर्मचारियों से पूछताछ जारी

पुलिस ने मामले में स्कूल के दो कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकदी और अन्य बरामद वस्तुओं का स्कूल प्रशासन से क्या संबंध है।

भाजपा विधायक ने लगाए गंभीर आरोप

भाजपा विधायक सुदीप्त दास ने दावा किया है कि स्कूल परिसर से बरामद नकदी और अन्य सामग्री कई गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

जांच जारी, कई सवालों के जवाब बाकी

फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं। स्कूल प्रशासन की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि करोड़ों रुपये की नकदी और अन्य बरामद सामग्री के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

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