दिल्ली – करवा चौथ, प्रेम, आस्था और अटूट प्रतीक्षा का पर्व, 2025 में एक बार फिर विवाहित महिलाओं के जीवन में विशेष उल्लास लेकर आएगा। सजी-संवरी महिलाएं, चूड़ियों की खनक, मेंहदी की खुशबू और थाली में जलता दीपक… सब कुछ तैयार होगा बस चाँद की एक झलक के लिए। यह दिन पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए किए गए निर्जला व्रत और तपस्या का प्रतीक होता है।

इस शुभ अवसर पर, आइए जानते हैं तिथि, नक्षत्र, पूजा के शुभ मुहूर्त और सबसे महत्वपूर्ण, वह क्षण जब चांद आसमान में देगा दस्तक।

Karwa Chauth 2025: तिथि और नक्षत्र

करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। 2025 के लिए, तिथि और नक्षत्र की स्थिति कुछ इस प्रकार होगी:

  • चतुर्थी तिथि: रात्रि [समय] बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी।
  • कृतिका नक्षत्र: शाम [समय] बजे तक रहेगा, फिर रोहिणी नक्षत्र लगेगा। रोहिणी नक्षत्र को ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • योग: सिद्धि योग शाम [समय] बजे तक रहेगा, फिर व्यतीपात योग शुरू होगा।
  • चंद्रमा की स्थिति: चंद्रमा आज अपनी उच्च राशि वृष में रहेगा, जो इस व्रत के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।

पूजा के लिए शुभ और अशुभ मुहूर्त

व्रत का अधिकतम लाभ लेने के लिए शुभ मुहूर्त में पूजा करना आवश्यक है।

मुहूर्त का नामसमय सीमाविशेषता
ब्रह्म मुहूर्त4:49 AM से 5:37 AMदिन की शुरुआत और पूजा की तैयारी के लिए सर्वश्रेष्ठ।
अभिजित मुहूर्त11:50 AM से 12:37 PMसामान्य पूजा-पाठ और अनुष्ठान के लिए उपयुक्त।
अमृत काल3:21 PM से 4:47 PMअत्यंत शुभ, सभी प्रकार के सकारात्मक कार्यों के लिए उत्तम।
शुभ काल (गोधूलि वेला)12:00 PM से 1:30 PM (दोपहर) / 4:30 PM से 6:00 PM (शाम)करवा चौथ पूजा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण।

Export to Sheets

अशुभ काल (इनसे बचें):

  • राहुकाल: 10:40 AM से 12:08 PM
  • यमगण्ड: 4:24 PM से 5:10 PM

चांद निकलने का समय: इंतज़ार की घड़ी

करवा चौथ व्रत का समापन चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही होता है। यह क्षण इस पूरे दिन की तपस्या का प्रतिफल होता है।

  • संभावित चंद्रोदय समय: रात 8:12 बजे के करीब चंद्रमा दिखने की संभावना है।

(नोट: चंद्रोदय का सटीक समय आपके शहर और उस दिन के मौसम पर निर्भर करेगा। कृपया स्थानीय पंचांग या मौसम विभाग की जानकारी अवश्य देखें।)

व्रत का पुण्य पाने के लिए विशेष उपाय

करवा चौथ पर कुछ सरल ज्योतिषीय उपाय करने से व्रत का पुण्य बढ़ जाता है और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है:

  1. सुहाग सामग्री भेंट: इस दिन सुहागन महिलाओं को श्रृंगार का सामान (जैसे चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी) अवश्य भेंट करें।
  2. माता पार्वती को अर्पण: पूजा के समय माता पार्वती को सुहाग का सामान अर्पित करें और उसे बाद में स्वयं प्रयोग में लाएं।
  3. करवा दान: मिट्टी के करवे में गेहूं, शक्कर, मिठाई और दक्षिणा रखकर किसी ब्राह्मण या सुहागन महिला को दान करें।

करवा चौथ का यह महापर्व न केवल प्रेम का उत्सव है, बल्कि यह समर्पण, त्याग और आस्था का प्रतीक भी है। चंद्रदेव को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण करें और अपने पति के दीर्घायु होने की कामना करें।

KarwaChauth2025 #KarwaChauth #करवाचौथ #ChandNikleKaSamay #KarwaChauthMuhurat #KarwaChauthPujaVidhi #करवाचौथपूजा #KarwaChauthDate #VratTyohar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *