न्यूयॉर्क: गाजा में जारी इजरायली हमलों से उपजी तबाही ने पूरे मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है। लगातार बमबारी के कारण 65 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और लाखों बेघर हो गए हैं। इस भयावह स्थिति को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने गाजा में अकाल जैसी स्थिति की चेतावनी दी है, जिसने अरब देशों की बेचैनी और भी बढ़ा दी है। उन पर इजरायल के खिलाफ सख्त कदम उठाने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

इसी बीच, कतर की राजधानी दोहा में हुई अरब नेताओं की एक अहम बैठक में स्थिति पर गहन चर्चा हुई, लेकिन इजरायल का सैन्य अभियान जारी रहा। इस पूरे संघर्ष के दौरान, सबसे बड़ी चिंता यह जताई जा रही थी कि कहीं इजरायल इस युद्ध की आड़ में वेस्ट बैंक पर भी स्थायी कब्जा न कर ले।

अब इस मामले में अमेरिका ने दखल दिया है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अरब देशों के नेताओं से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने साफ तौर पर आश्वासन दिया कि अमेरिका वेस्ट बैंक पर इजरायल को कब्जा करने की इजाजत नहीं देगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू गाजा में अपने सैन्य अभियान को जारी रखने पर अड़े हुए हैं।

सवाल यह उठता है कि क्या ट्रंप का यह आश्वासन नेतन्याहू को वेस्ट बैंक पर किसी भी तरह के कदम उठाने से रोक पाएगा? ट्रंप के इस वादे को जहां अरब देशों के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं नेतन्याहू की सख्त नीतियों को देखते हुए यह चुनौती भी कम नहीं है। गाजा में मानवीय संकट गहराता जा रहा है और अब वेस्ट बैंक को लेकर अमेरिका का यह रुख भविष्य में इजरायल और अरब देशों के बीच संबंधों की दिशा तय कर सकता है।

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