मेरठ के लालकुर्ती थाना क्षेत्र में कुछ युवकों द्वारा कथित तौर पर पिस्टल और चाकू लहराकर दबंगई दिखाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में युवक हथियारों का प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक कार के अंदर पुलिस की टोपी भी नजर आ रही है, जिसके सहारे पुलिस से जुड़े होने का रौब दिखाने का आरोप लगाया जा रहा है।
Meerut Viral Video सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मेरठ पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए इसकी सत्यता, वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान और हथियारों की वैधता की जांच शुरू कर दी है।
सड़क किनारे हथियार लहराते दिखे युवक
वायरल वीडियो में कुछ युवक सड़क किनारे खड़े दिखाई दे रहे हैं। इनमें से एक युवक के हाथ में पिस्टल और दूसरे के हाथ में चाकू जैसा हथियार नजर आ रहा है। वीडियो में कथित तौर पर एक व्यक्ति को धमकाने और उस पर दबाव बनाने जैसी गतिविधियां भी दिखाई देती हैं।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वीडियो कब बनाया गया और इसमें दिखाई दे रहे हथियार असली हैं या नकली। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सार्वजनिक स्थान पर हथियारों का इस तरह प्रदर्शन कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने भी आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कार में रखी मिली पुलिस की टोपी
मामले को गंभीर बनाने वाली बात यह है कि वायरल वीडियो में एक कार के अंदर पुलिस की टोपी भी दिखाई दे रही है। आरोप है कि युवक पुलिस की टोपी का इस्तेमाल खुद को प्रभावशाली दिखाने और पुलिस विभाग से जुड़े होने का आभास देने के लिए कर रहे थे।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कार में रखी टोपी किसकी है और उसका इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया गया। जांच में पुलिस की पहचान या प्रतीकों के अनुचित इस्तेमाल की पुष्टि होने पर संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
वायरल वीडियो से इलाके में मचा हड़कंप
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लालकुर्ती और आसपास के क्षेत्रों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लहराकर दबंगई दिखाने से आम नागरिकों में भय का माहौल पैदा होता है।
लोगों ने पुलिस से मांग की है कि वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की जल्द पहचान की जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
मेरठ पुलिस ने शुरू की जांच
वीडियो की जानकारी मिलते ही मेरठ पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस अधिकारी वीडियो की लोकेशन, इसे रिकॉर्ड किए जाने का समय और उसमें दिखाई दे रहे सभी लोगों की पहचान का पता लगाने में जुटे हैं।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो में दिखाई दे रही पिस्टल लाइसेंसी है, अवैध है अथवा केवल दिखावे के लिए इस्तेमाल किया गया कोई नकली हथियार है। वीडियो की मूल प्रति और सोशल मीडिया पर इसे सबसे पहले पोस्ट करने वाले अकाउंट की जानकारी भी जुटाई जा सकती है।
एसपी सिटी ने क्या कहा?
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। वीडियो की सत्यता की जांच कराई जा रही है। इसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान, हथियारों की वैधता और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अवैध हथियार मिलने पर हो सकती है सख्त कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यदि जांच में हथियार अवैध पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त, यदि किसी व्यक्ति को धमकाने, सार्वजनिक शांति भंग करने या पुलिस की टोपी एवं पहचान का अनुचित इस्तेमाल करने की पुष्टि होती है तो मामले में अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
फिलहाल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वायरल वीडियो के आधार पर कोई अपुष्ट जानकारी साझा न करें। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन बना चिंता का विषय
सोशल मीडिया पर दबंग छवि बनाने और लोकप्रियता हासिल करने के लिए हथियारों का प्रदर्शन करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के वीडियो युवाओं को गलत संदेश देने के साथ समाज में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा करते हैं।
पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने या सोशल मीडिया पर भय फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट: विशेष संवाददाता, मेरठ
