ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति देते हुए लंबे इंतजार के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से पहली कमर्शियल फ्लाइट ने उड़ान भर ली है। एयरपोर्ट के संचालन शुरू होने के साथ ही इसका पहला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऐतिहासिक शुरुआत को प्रदेश के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
देश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर व्यावसायिक संचालन शुरू कर दिया। पहली निर्धारित उड़ान इंडिगो एयरलाइंस की रही, जिसने जेवर एयरपोर्ट पर सफल लैंडिंग की। इसके बाद एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल फ्लाइट भी रवाना हुई।
एयरपोर्ट परिसर में दिखा उत्साह
पहली उड़ान के मौके पर एयरपोर्ट परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों, एयरलाइन प्रतिनिधियों और यात्रियों ने इस ऐतिहासिक पल का स्वागत किया। शुरुआती चरण में देश के कई प्रमुख शहरों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
दिल्ली-NCR और पश्चिमी यूपी को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी।
इसके अलावा, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को भी कम करने में यह एयरपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख एविएशन हब के रूप में उभर सकता है।
आर्थिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
उत्तर प्रदेश सरकार लंबे समय से जेवर एयरपोर्ट को राज्य के विकास इंजन के रूप में देख रही थी। एयरपोर्ट के चालू होने से आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास, रियल एस्टेट सेक्टर और लॉजिस्टिक्स उद्योग को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जेवर एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के एविएशन सेक्टर के लिए एक नया अध्याय साबित हो सकता है।
