विशाल विचार – सरवन डाबी | भोपाल
भोपाल में आज किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से उनके निवास पर मुलाकात की और प्रदेश के किसानों की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा की। मुलाकात के दौरान किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा —
👉 “हमें भावांतर नहीं, भाव चाहिए!”
किसानों ने मंत्री को बताया कि वर्तमान समय में खाद, बीज और फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसान गंभीर आर्थिक संकट में हैं। साथ ही कर्ज और खराब फसलों के कारण किसान आत्महत्या जैसी त्रासदीपूर्ण कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।
किसानों ने कहा कि सिर्फ योजनाओं और घोषणाओं का झुनझुना बजाकर किसानों को बहलाया नहीं जा सकता। अब समय है कि सरकार किसानों को वास्तविक राहत दे और फसल के लिए सुनिश्चित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ठोस कदम उठाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक किसानों को फसल का उचित भाव नहीं मिलेगा, तब तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।
इस मौके पर किसानों ने एक संयुक्त ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें निम्नलिखित मांगें रखी गईं:
- फसलों के लिए सुनिश्चित न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाए।
- किसानों के कर्ज पर ब्याज माफी और राहत पैकेज प्रदान किया जाए।
- खाद और बीज की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित की जाए।
- भावांतर योजना की जगह सीधे उचित मूल्य भुगतान प्रणाली लागू की जाए।
किसानों ने कहा कि वे सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस समाधान चाहते हैं ताकि देश का अन्नदाता सम्मानपूर्वक जीवन जी सके।
🌾 मुख्य बिंदु:
- भोपाल में किसानों की कृषि मंत्री से मुलाकात
- खाद, बीज, और फसल मूल्य की समस्याएं प्रमुख मुद्दा
- किसानों ने कहा — “हमें भावांतर नहीं, भाव चाहिए”
- आत्महत्याओं पर चिंता जताते हुए ठोस कदम की मांग
