गांवों में बीते कुछ दिनों से एक अजीब अफवाह ने लोगों की नींद उड़ा दी है। कहा जा रहा है कि रात में “ड्रोन” उड़ते दिख रहे हैं, जिनसे चोर घरों की टोह ले रहे हैं। इस अफवाह ने ग्रामीण इलाकों में ऐसा भय पैदा कर दिया है कि लोग अजनबियों को शक की निगाह से देखने लगे हैं।
अफवाहों के चलते हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई जगह फेरी वाले और मानसिक रूप से विक्षिप्त लोगों को चोर समझकर ग्रामीणों ने घेर लिया और पीट डाला। कुछ घटनाओं में लोगों को चोटें भी आई हैं। पुलिस प्रशासन लगातार अपील कर रहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन डर का माहौल अभी भी कायम है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारियों ने इस दहशत को हवा दी है। व्हाट्सऐप और फेसबुक पर “ड्रोन से घरों की रेकी” जैसी पोस्टें वायरल हो रही हैं। इन्हें सच मानकर ग्रामीण चौकसी में जुट गए हैं और रात-दिन संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
हालांकि, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने अब तक किसी भी गांव में ड्रोन उड़ने की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी तरह से अफवाहों के आधार पर निर्दोष लोगों को पीटना न केवल गैरकानूनी है बल्कि गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
गांवों में लगातार हो रही इन घटनाओं से माहौल तनावपूर्ण हो गया है। ग्रामीणों को भरोसा दिलाने के लिए पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है और लोगों को समझाने का अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने अपील की है कि किसी भी अजनबी को पीटने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें।
इस अफवाह ने यह साफ कर दिया है कि झूठी खबरें कितनी बड़ी सामाजिक समस्या बन सकती हैं। जागरूकता और संयम ही ऐसी घटनाओं को रोकने का सबसे बड़ा उपाय है।
— संवाददाता शेखर सिद्दीकी ब्यूरो चीफ फतेहपुर
