फतेहपुर। जिले में मोरंग खनन और बिक्री को लेकर नियम-कायदों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खनिज अधिकारी सौरभ गुप्ता को शासन पहले ही अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद जिले में मोरंग डंप पर अराजकता थमने का नाम नहीं ले रही। खुलेआम मानकों को ताक पर रखकर अवैध बिक्री और ओवरलोडिंग का खेल जारी है।
ललौली थाना क्षेत्र के महना, दतौली और सैंबसी गांवों में पड़े मोरंग डंप से लगातार मनमानी तरीके से बिक्री हो रही है। कारोबारी न तो रॉयल्टी जमा कर रहे हैं और न ही शासन द्वारा तय मानकों का पालन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनिज विभाग की अनदेखी के चलते यह धंधा तेजी से फल-फूल रहा है।
बांदा जिले के शादी मदनपुर, सोना और बेंदा खदान से लाए गए डंपो की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। इन डंपों से बिना जांच और नियमों का पालन किए धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है। आश्चर्यजनक रूप से इनको विभागीय स्तर पर लाइसेंस भी जारी कर दिए गए हैं, जबकि मानकों की जांच कभी ठीक से की ही नहीं गई।
इसी तरह ओती खंड चार के पट्टेदार पांडे जी पर मोरंग चोरी का मुकदमा दर्ज होने के बावजूद, यूपी 71 ढाबा के सामने और चौहान ढाबा के पास डंप से लगातार ओवरलोडिंग की जा रही है। परिवहन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं, लेकिन विभागीय जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।
ग्रामीणों और स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि विभागीय मिलीभगत के कारण यह खेल लगातार जारी है। अवैध कारोबार से शासन को जहां करोड़ों का राजस्व नुकसान हो रहा है, वहीं ओवरलोड ट्रक सड़कों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
जिले में मोरंग डंप से हो रही अराजकता और अनियमितताओं ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि उच्च स्तर से कब और कैसी कार्रवाई की जाती है।
– शेखर सिद्दीकी, ब्यूरो चीफ फतेहपुर
