अनीश कुमार सिंह
चीफ रिपोर्टर उन्नाव
विशाल विचार न्यूज़
उन्नाव। कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिसंबर 2025 से शुरू होने वाले नवाबगंज, आशाखेड़ा और दही तिराहा के तीन ओवरब्रिज में से नवाबगंज पुल को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने प्राथमिकता दी है। यह पुल नहर पुलिया से लेकर बाजार तक करीब एक किलोमीटर के दायरे में बनेगा, जिसमें न केवल दर्जनों मकान और पुश्तैनी दुकानें, बल्कि सैकड़ों गरीब ठेले-फुटपाथ व्यवसायियों का रोज़गार भी खतरे में है।
पिछले तीन दिनों में ही सौ से अधिक लोगों को नोटिस मिल चुका है। किसी का घर 5 फीट तो किसी का 20 फीट तक अधिग्रहण की जद में है। वहीं पुल निर्माण क्षेत्र के लगभग 200 फुटपाथी दुकानदारों — जिनमें कपड़े, फल-सब्ज़ी और चाय-नाश्ते के ठेले लगाने वाले शामिल हैं — के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। नोटिस में 15 दिन में अतिक्रमण हटाने का आदेश है, साथ ही 7 दिन के भीतर लखनऊ स्थित गोमतीनगर कार्यालय में अपील करने का अवसर भी दिया गया है।
