दिल्ली सरकार ने आज अपने बजट की एक और घोषणा को लागू कर दिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक में एकीकृत जिला परियोजना निधि/जिला परियोजना निधि को स्वीकृति दी गई. इस फंड से सभी सरकारी जिलों में छोटे किंतु आवश्यक विकास कार्य बिना किसी रुकावट के पूरे किए जा सकेंगे. इन योजनाओं के लिए 53 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह प्रयास ‘परफॉर्म, रिफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के स्मार्ट शासन के सिद्धांत पर केन्द्रित है। हमारी सरकार प्रणाली का विकेंद्रीकरण करना चाहती है, ताकि हर स्तर पर विकास योजनाओं को जल्दी पूरा किया जा सके।

कैबिनेट की इस बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अन्य कैबिनेट मंत्री, मुख्य सचिव और उच्च अधिकारी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने इस योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ये योजनाएं दिल्ली में विकास को तेज करेंगी और लोगों को बुनियादी सेवाएं जल्द और प्रभावी तरीके से मुहैया कराई जा सकेंगी। इस योजना का लक्ष्य ऐसी विकास परियोजनाओं के लिए वित्त प्रदान करना है, जो आधारभूत ढांचे, सामुदायिक सुविधाओं और सामाजिक भलाई पर ध्यान केंद्रित करती हों. इस फंड का उपयोग सड़कों, स्कूलों, डिस्पेंसरियों, सामुदायिक केंद्रों आदि जैसी विभिन्न परियोजनाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए किया जाएगा। इस योजना का लक्ष्‍य क्षेत्रीय आवश्यकताओं की पहचान करना, परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करना और स्थलीय क्रियान्वयन के लिए साधनों का वितरण करना है.

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस योजना का लक्ष्य दिल्ली के सभी 11 सरकारी जिलों में तात्कालिक प्रकृति के छोटे विकास कार्यों को पूरा करना है. सभी आवश्यक विकास कार्यों को पीडब्ल्यूडी, सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली नगर निगम आदि के माध्यम से कराया जाएगा. यह योजना संबंधित क्षेत्रों में रहने वाले सभी लोगों के लाभ के लिए बनाई गई है. जिलों में जो कार्य करवाए जाएंगे उनमें:- 

बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर):
सड़कों, पुलों तथा अन्य संरचनाओं (जैसे राजस्व जिलों के कार्यालयों) की मरम्मत से जुड़े छोटे कार्य.

सामुदायिक सुविधाएं:
सामुदायिक केंद्रों, पंचायत घरों एवं अन्य सार्वजनिक सुविधाओं की मरम्मत से जुड़े छोटे कार्य.

सामाजिक कल्याण:
स्कूलों, डिस्पेंसरियों में मरम्मत कार्य, गौशालाओं का रखरखाव, स्ट्रीट लाइट्स का रखरखाव, सीसीटीवी कैमरों का रखरखाव, नालियों का रखरखाव, तालाबों का पुनर्जीवन, तथा शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं.

अन्य परियोजनाएं:
सार्वजनिक शौचालयों और पार्कों की मरम्मत/रखरखाव, बाढ़ नियंत्रण प्रबंधन तथा अन्य मरम्मत और रखरखाव से जुड़ी परियोजनाएं जिन्हें सक्षम अधिकारी द्वारा उपयुक्त माना जाए.

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