नई दिल्ली: अगर आप भी दुबई जाकर बसने या काम करने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए यह शानदार मौका है. अब भारतीयों को यूएई का गोल्डन वीजा (UAE Golden Visa for Indians) लेने के लिए ना तो करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीदनी पड़ेगी और ना ही ट्रेड लाइसेंस की जरूरत है. दरअसल, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सरकार ने एक नई वीजा स्कीम लॉन्च की है, जो ‘नॉमिनेशन आधारित’ (UAE Nomination-based Golden Visa) है. इस वीजा को पाने के लिए अब पहले जैसी भारी-भरकम इनवेस्टमेंट की जरूरत नहीं होगी.
अब सिर्फ लगभग 23.30 लाख रुपये देकर गोल्डन वीजा (Golden Visa India to UAE) हासिल किया जा सकता है. यहां हम आपको इसके आवेदन का तरीका भी बता दे रहे हैं.
पहले क्या था UAE Golden Visa को लेकर नियम?
अब तक भारतीयों के लिए यूएई का गोल्डन वीजा प्राप्त करने का एकमात्र तरीका था प्रॉपर्टी खरीदना जिसकी कीमत लगभग 4.66 करोड़ रुपये हो या फिर किसी बड़े व्यवसाय में निवेश करना। परंतु अब इस नई योजना के चलते यह प्रक्रिया काफी सरल हो गई है।
भारत और बांग्लादेश से शुरू हो रहा है ट्रायल
इस नई वीजा स्कीम का पहला चरण भारत और बांग्लादेश में शुरू किया गया है. भारत में इस प्रोग्राम को RAYD ग्रुप नाम की एक कंसल्टेंसी कंपनी हैंडल कर रही है. कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर रायद कमाल अयूब के मुताबिक, ये भारतीयों के लिए यूएई जाने का एक गोल्डन मौका है.
गोल्डन वीजा के लिए आवेदन कैसे करें?
नामांकन पर आधारित वीजा के लिए जब कोई व्यक्ति आवेदन करेगा, तो सबसे पहले उसकी पृष्ठभूमि की जांच की जाएगी. इसमें यह देखा जाएगा कि उस व्यक्ति के खिलाफ कोई आपराधिक मामला या मनी लॉन्ड्रिंग का केस तो नहीं है। इससे भी अधिक, उसका सोशल मीडिया भी निरिक्षण किया जाएगा। साथ ही यह भी परखा जाएगा कि क्या वह व्यक्ति किसी क्षेत्र जैसे व्यवसाय, वित्त, स्टार्टअप, प्रोफेशनल सेवाएं, विज्ञान या संस्कृति में यूएई की प्रगति में योगदान कर सकता है।
