मध्य प्रदेश के कवर्धा के प्रतिष्ठित डॉक्टर दंपत्ति हत्याकांड मामले को पुलिस ने आठ साल बाद सुलझा लिया है. इस हत्याकांड में पुलिस ने डॉक्टर के ड्राइवर को गिरफ्तार किया है. दरअसल 6 अप्रैल 2017 को डॉक्टर गणेश सूर्यवंशी और उनकी पत्नी उषा सूर्यवंशी का शव उनके घर से शव मिला था. शुरुआती जांच में यह दोहरा हत्याकांड प्रतीत हो रहा था और इसी को आधार मानकर पुलिस जांच कर रही थी.  लेकिन कोई ठोस सबूत ना होने के कारण हत्या की गुत्थी सुलझ नहीं पा रही थी. आखिरकार पुलिस ने इस मामले को सुलझाते हुए आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने अपना गुनाह भी कबूल लिया है. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान सत्यप्रकाश साहू के रूप में की है. 

ऐसे खुला हत्या का राज

आरोपी सत्यप्रकाश साहू ने पुलिस की जांच में अपना अपराध स्वीकार करते हुए कहा है कि 3 अप्रैल 2017 को रात को उनके घर आया, जहां डॉक्टर दंपति के बीच विवाद हो रहा था। इस बीच डॉक्टर दांपत्य ने एक-दूसरे पर कई बार हमला किया। इस घटना में दोनों बुरी तरह से जख्मी हो गए। डॉक्टर की पत्नी को हत्या का जुनून सवार था। ड्राइवर सत्यप्रकाश डॉक्टर की इस स्थिति को देखकर भयभीत हो गया और उसे इस बात का डर था कि कहीं डॉक्टर उसे भी नुकसान ना पहुंचा दे। डर के मारे उसने डॉक्टर को धक्का देकर नीचे गिरा दिया और उस पर हमला कर दिया। इस हमले में चिकित्सक की जान चली गई।

हत्या कर रात भर घर में रहा आरोपी

डॉक्टर गणेश सूर्यवंशी की हत्या के बाद ड्राइवर सत्यप्रकाश साहू ने दोनों शवों को खींचकर आंगन तक लाया और घर के भीतर रक्त के धब्बों को साफ किया, वह पूरी रात घर में रहा और सुबह 5 बजे निकलकर दुर्ग चला गया। डॉक्टर का मोबाइल भी लेकर गया और उसे गंडई की एक दुकान में 1900 रूपये में गिरवी रखा। 

पुलिस को करते रहे गुमराह

आरोपी सत्यप्रकश घटना के एक दिन बाद 5 अप्रैल को घर के पास फिर पहुंचा था ताकि घटना की जानकारी किसी को तो नहीं हुई है. तीसरे दिन 6 अप्रैल को घर से दुर्गन्ध आया तो लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी जहां दोनों का शव देखकर पुलिस व पास के लोग दंग रह गए. आरोपी इस दिन भी घटना स्थल पर मौजूद था और भीड़ में शामिल होकर सबकुछ देख रहा था. 

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