संवाददाता -सुमन कुमार दत्ता (विशाल विचार )
अमड़ापाड़ा (पाकुड़ -राष्ट्रीय पोषण माह 2025 के तहत जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए रचनात्मक और शिक्षाप्रद गतिविधियों का आयोजन जोरों पर है। इसी क्रम में अमड़ापाड़ा प्रखंड के मोरिया आंगनबाड़ी केंद्र में शुक्रवार को बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने हुनर व सृजनशीलता का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों की सामूहिक प्रार्थना और व्यायाम सत्र से हुई। इसके बाद बच्चों ने “सही पोषण – देश रोशन”, “पोषण माह 2025” और “पोषण घड़ा” जैसे विषयों पर रंग-बिरंगी रंगोलियाँ बनाई। सबसे आकर्षक गतिविधि रही – भारत का मानचित्र निर्माण, जिसे बच्चों ने फल, फूल, चावल, दाल, साग और सब्जियों का उपयोग कर तैयार किया। यह पहल न केवल बच्चों की रचनात्मकता को उजागर करती है, बल्कि उनके भीतर पोषण से संबंधित ज्ञान को रोचक रूप से समाहित करती है।
इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, सहिया और सभी बच्चों ने पोषण जागरूकता एवं “आदि कर्मयोगी अभियान” की शपथ भी ली।
आंगनबाड़ी केंद्र: बच्चों का पहला शिक्षालय
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर भी बल दिया कि आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ पोषण सुधार का साधन नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का आधार हैं। गतिविधि-आधारित शिक्षण बच्चों के आत्मविश्वास, भाषा कौशल और सृजनात्मकता को विकसित करने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
जिला उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा,
“पोषण माह के माध्यम से हमारी कोशिश है कि हर बच्चे, गर्भवती महिला और धात्री माताओं तक संतुलित आहार एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुँचे। इसमें आंगनबाड़ी केंद्र अहम भूमिका निभा रहे हैं और जिला प्रशासन का पूरा समर्थन इनके साथ है।”
राष्ट्रीय पोषण माह का यह आयोजन बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि स्वास्थ्य और पोषण के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण को भी जन्म देने वाला साबित हुआ।
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