विशाल विचार – शिवम् दिक्षित सठिगांवा फतेहपुर
जनपद के अमौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गोविंदपुर बिलारी में ग्राम प्रधान संध्या देवी द्वारा सरकारी धन से सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन उस सामुदायिक शौचालय में ग्राम प्रधान द्वारा पुरुषों के शौचालय पर ताला लगा दिया गया। स्नान गृह खुला पड़ा हुआ है । और महिला शौचालय का ऊपर की तरफ से दरवाजा टूटा हुआ है । यहां पर पानी की कोई व्यवस्था नहीं है । सामुदायिक शौचालय की हालत बद्तर स्थिति में है । जिससे पता चलता है कि सरकारी धन का कितना दुरुपयोग हो रहा है ।और गांव में विकास केवल कागजों और दस्तावेजों तक ही सीमित है ।कागजों पर तो गोविंदपुर बिलारी का कुछ विकास हुआ है पर यहां धरातल पर आकर देखा जाए तो गोविंदपुर बिलारी ग्राम सभा विकास के नाम पर शून्य की स्थिति पर है
अगर बात करें सामुदायिक शौचालय पर पानी की व्यवस्था की वहां पर एक समरसेबल लगा है और वह समरसेबल नाम मात्र के लिए लगा है ।सिर्फ नाम का समरसेबल है। समरसेबल का कहीं कोई उपयोग नहीं होता बल्कि उसकी पूरी तरह ढक करके रखा गया है।
सामुदायिक शौचालय की स्थिति और बगल पर लगे समरसेबल की दशा यह इस बात का संकेत देते हैं कि ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा कितनी जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाह किया गया है । और ग्राम विकास के लिए आए धन का किस तरह उपयोग किया गया है।
अगर बात करें सफाई कर्मचारी की तो शौचालय पर ताला लगाना तथा पानी की व्यवस्था न होना यह एक कागज पर ही सामुदायिक शौचालय चालू है लेकिन यहां पर एक महिला सफाई कर्मी नियुक्त नियुक्ति जरूर कर दी गई है। ताला लगना, दरवाजा टूटना ,पानी की व्यवस्था न होना यह इस बात का संदेश देता है । कि सिर्फ सामुदायिक शौचालय मौके पर शोपीस के रूप में बना है । और यहां पर महिला सफाई कर्मी भी प्रधान और सचिव की मिली भगत से बिना किसी कार्य का वेतन उठाती है । इस मामले में जब ए डि यो पंचायत से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आपने बताया है ।तो कल दिखवाते हैं । और दिखवा कर सचिव को भेजा जाएगा तो ठीक करवा देगा । लापरवाही उनकी बातों से झलकती है। कि जब कोई शिकायत करें तब इनको पता चलता है । की कहां कौन सी और क्या सुविधा सरकार द्वारा दी गई है और उस सुविधा की जमीनी हकीकत क्या है।
इस गांव की स्थिति को देखकर आदम गोंडवी का वह शेर याद आ जाता है कि,,, तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है ।
मगर यह आंकड़े झूठे हैं यह दवा किताबी है ।।
