जनपद के खागा तहसील में बीते शनिवार को तहसील परिसर में लेखपाल संघ के पदाधिकारी एवं सदस्यो सहित धरने में बैठ गये थे। बताया जाता है कि लेखपाल अर्चना सिंह ने पूर्व प्रधान नईम जो कि वकील के मुंशी है। और नगर पंचायत खागा के निवासी के द्वारा महिला लेखपाल द्वारा छेडखानी का आरोप लगाकर कहा गया कि जब सरकारी कार्यालय में ही कर्मचारी सुरक्षित नहीं है । तो हम लोग बाहर कैसे सुरक्षित रहेंगे अर्चना सिंह ने कहा कि जो हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री हमेशा खुद कहते हैं कि महिला सशक्तिकरण एवं महिलाओं को हर एक क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं । फिर भी ऐसी हालत है , कि हम लोग सुरक्षित नहीं है । कार्यालय में कोई भी आकर हम लोगों को गलत शब्दों का प्रयोग करके चला जाता है। और कहा की इसके लिए कड़ी कार्रवाई की जाए एवं उन्होंने लिखित सूचना खागा कोतवाली में दिया हलाँकि सूचना के बाद खागा पुलिस द्वारा पूर्व प्रधान को थाने लाने के बाद पीड़ित लेखपाल से पहचान करवाया गया पुलिस मुकदमा धारा 132,व धारा 74 दर्ज करके उपरोक्त को थाने से छोड दिया जाता है । जैसे यह सूचना लेखपाल संघ को मिलती है लेखपाल संघ नराज होकर संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश सिंह तहसील अध्यक्ष विपिन सिंह यादव जिला मंत्री रावेन्द्र कुमार सहित धरने बैठ गये, जिसमें तहसील अध्यक्ष विपिन सिहं का कहना है । जब तहसील परिसर पर कर्मचारी सुरक्षित नही है तो क्षेत्र मे महिला कर्मचारी के साथ अन्य कर्मचारी क्षेत्र काम कैसे करेंगे। जिसमें लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष ने बताया कि जब तक दोषी के ऊपर कार्यवाही करते हुए जेल नही भेजते तब तक सभी सर्किल के राजस्व निरिक्षक व सभी लेखपाल सहित धरने में बैठा रहेंगे।जिसमे सभी लेखपालो ने पीड़ित लेखपाल को भरोसा दिया कि जब तक दोषी को जेल नही भेजा जाएगा तब तक कलमबन्द हड़ताल जारी रखेगे।तो वहीं विपक्षी और कई वरिष्ठ अधिवक्ताओ ने कहा कि किसी खतौनी फीडिंग को लेकर पैसों की लेन देन में विवाद हुआ है।इस मौके पर खागा राजस्व निरिक्षक अरविन्द्र कुमार सिंह,अफोई राजस्व निरिक्षक अशोक सचान, ऐरायां राजस्व निरिक्षक राजकुमार गुप्ता,संवत राजस्व निरिक्षक सुमेर सिंह व कमल सिंह दिलीप कुमार कुलदीप अनिल पाल विपिन सिहं, दिनेश सिहं, रावेन्द्र सिंह, अमरजीत सिंह,सत्यप्रकाश, कुशल वर्मा,सुशील कुमार,मनोज मौर्य, उमेश सपना सहित तहसील के राजस्व विभाग के आधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहें।
