
श्रीकांत दास संवाददाता (विशाल विचार) झारखंड
मंडरो साहिबगंज मंडरो प्रखंड के हाथमारी पंचायत में आज कृषक प्रक्षेत्र पाठशाला की द्वितीय कक्षा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय था – एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM), फसल चक्र प्रबंधन, जलवायु-सहिष्णु कृषि एवं अन्न भंडारण।कार्यक्रम में सहायक तकनीकी प्रबंधक नेहा किस्कू ने किसानों को एकीकृत कीट प्रबंधन और फसल चक्र के महत्व पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि कीट नियंत्रण के लिए जैविक उपाय अपनाकर फसल की पैदावार सुरक्षित रखी जा सकती है।साथ ही, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक कंचन कुमार सुमन ने रबी मौसम की फसलों के चयन, बुवाई की विधि, उर्वरक प्रबंधन और जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जिन किसानों को खरीफ सीजन में सावा 7301 प्रभेद धान बीज दिया गया था, उन्हें अब मसूर और चना बीज उपलब्ध कराया जाएगा।कार्यक्रम में सहायक तकनीकी प्रबंधक राजेश्वर मुर्मू, कृषक मित्र सहदेव ठाकुर, सरिता सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसान उपस्थित थे। आयोजन का उद्देश्य किसानों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना और कृषि उत्पादन में स्थायित्व लाना था।
