श्रीकांत दास विशाल विचार
बरहरवा (साहिबगंज), झारखंड | 10 अक्टूबर 2025।
मानव तस्करी एवं असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आरपीएफ की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार रात्रि लगभग 9 बजे आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार अपने हमराह अधिकारियों—एएसआई बी.एन. टुडू, कांस्टेबल अनिल कुमार और हेड कांस्टेबल अकबाल अंसारी के साथ बरहरवा रेलवे स्टेशन परिसर में जांच अभियान चला रहे थे।
जांच के दौरान जब वेटिंग रूम और प्लेटफॉर्म संख्या 1 के मध्य स्थित शेड का निरीक्षण किया गया, तो एक नाबालिग लड़का और लड़की संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए पाए गए। पूछताछ के दौरान दोनों घबरा गए और असंगत जवाब देने लगे।
कठोरता से पूछताछ करने पर लड़के ने अपना नाम प्रभु कर्मकार (उम्र 15 वर्ष) और लड़की ने अपना नाम देवी हेंब्रम (उम्र 16 वर्ष) बताया। दोनों ने स्वीकार किया कि वे थाना रंगा क्षेत्र के रहने वाले हैं और अपने माता-पिता को बिना बताए बारहड़वा स्टेशन से भागकर बरहरवा पहुंचे थे। साथ ही यह भी बताया कि वे आगे पश्चिम बंगाल में अपने दोस्तों के साथ जाने की योजना में थे।
संदेहजनक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए आरपीएफ ने दोनों नाबालिगों को हिरासत में लेकर पोस्ट बरहरवा लाया। इसके बाद मामले की जानकारी बाल संरक्षण मंथन, बरहरवा (साहिबगंज) को दी गई। दोनों के परिजनों को भी मोबाइल नंबरों के माध्यम से सूचित किया गया।
कानूनी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद दोनों बच्चों को बाल संरक्षण मंथन की प्रतिनिधि अनुराधा मंडल को सुरक्षित रूप से सुपुर्द कर दिया गया।
यह कार्रवाई आरपीएफ की सतर्कता का उदाहरण है और मानव तस्करी जैसी संभावित घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण साबित हुई।
