सीतापुर, उत्तर प्रदेश | 26 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के मिश्रिख नगर पालिका परिषद कार्यालय में गुरुवार को आयकर विभाग की टीम पहुंचने से हड़कंप मच गया। टीम ने नगर पालिका के वित्तीय और टैक्स से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। नगर पालिका अध्यक्ष सत्तारूढ़ दल भाजपा के विधायक परिवार से होने के कारण मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है।
🔴 मिश्रिख नगर पालिका में आयकर जांच
सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग के अधिकारी सुबह नगर पालिका परिषद मिश्रिख कार्यालय पहुंचे और लेखा अभिलेख, ठेकेदार भुगतान तथा टैक्स कटौती से जुड़े दस्तावेजों की जांच करने लगे। टीम कई घंटे तक कार्यालय में मौजूद रही और संबंधित कर्मचारियों से जानकारी भी ली।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह कार्रवाई शिकायत के आधार पर की गई है या नियमित वित्तीय सत्यापन का हिस्सा है।
👩💼 BJP विधायक परिवार से जुड़ी हैं नगर पालिका अध्यक्ष
मिश्रिख नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष सीमा भार्गव हैं, जो क्षेत्रीय भाजपा विधायक रामकृष्ण भार्गव की बहू हैं। हाल ही में हुए निकाय उपचुनाव में उनकी जीत के बाद नगर पालिका की राजनीतिक सक्रियता बढ़ी थी।
परिवार की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए विधायक के पुत्र विजय भार्गव ने कहा कि:
“यह छापेमारी नहीं है, बल्कि नियमित आयकर जांच प्रक्रिया है। हर वर्ष ठेकेदारों के टीडीएस और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच होती है।”
🧾 किन दस्तावेजों की हो रही जांच
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आयकर टीम निम्न बिंदुओं पर फोकस कर रही है:
ठेकेदारों को किए गए भुगतान का विवरण
टीडीएस कटौती और जमा रिकॉर्ड
नगर पालिका फंड व्यय रजिस्टर
विकास कार्यों के बिल-वाउचर
वित्तीय लेखा अभिलेख
🏛️ राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
नगर पालिका अध्यक्ष का संबंध सत्ताधारी दल के विधायक परिवार से होने के कारण विपक्षी दलों ने भी मामले पर नजर रखी हुई है। हालांकि अब तक किसी अनियमितता या घोटाले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय स्तर पर इसे प्रशासनिक जांच और राजनीतिक घटनाक्रम—दोनों दृष्टियों से देखा जा रहा है।
📍 स्थिति फिलहाल
आयकर विभाग की टीम ने दस्तावेजों की जांच की
नगर पालिका प्रशासन से पूछताछ
कोई आधिकारिक बयान या आरोप नहीं
जांच जारी
