श्रीकांत दास संवाददाता (विशाल विचार) झारखंड

साहिबगंज, उपायुक्त हेमंत सती ने शनिवार बांझी स्थित प्राथमिक उप स्वास्थ्य केन्द्र, पशुपालन चिकित्सालय तथा राजकीय अनुसूचित जनजाति उच्च विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में कई अनियमितताएँ और लापरवाही सामने आईं, जिस पर उपायुक्त हेमंत सती ने गंभीर नाराज़गी व्यक्त करते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य केन्द्र में कर्मियों की अनुपस्थिति।प्राथमिक उप स्वास्थ्य केन्द्र बांझी में निरीक्षण के दौरान नियुक्त डॉक्टर अनुपस्थित पाई गईं। केन्द्र में CHO की कोई प्रतिनियुक्ति नहीं थी, जबकि तीन ANM पदस्थापित हैं।साथ ही लैब टेक्नीशियन मोहम्मद नौशाद अंसारी और MPW प्रदीप कुमार भी अनुपस्थित पाए गए।उपायुक्त ने दोनों कर्मियों से स्पष्टीकरण की मांग की और उनके वेतन भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश दिया।आवश्यक सुविधाओं की कमी पर नाराज़गी।उपायुक्त हेमंत सती ने स्वास्थ्य केन्द्र में आवश्यक सुविधाओं की कमी पर असंतोष जताया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्लेसेंटा पीट का निर्माण,RO मशीन की स्थापना,तथा सोलर लाइट लगाना तत्काल सुनिश्चित किया जाए।

पशुपालन चिकित्सालय में ताला बंद, सभी का वेतन रोका जाएगा।निरीक्षण के दौरान बांझी पशुपालन चिकित्सालय में ताला लटका मिला। उपायुक्त हेमंत सती ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी डॉक्टरों और कर्मियों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने का आदेश जारी किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “सरकारी व्यवस्था में लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”विद्यालय में अव्यवस्था पर सख्त निर्देश राजकीय अनुसूचित जनजाति आदिवासी उच्च विद्यालय बांझी के निरीक्षण में मॉडलर किचन सुचारू रूप से संचालित नहीं पाया गया नव-निर्मित किचन भवन की दुर्दशा देखकर उपायुक्त हेमंत सती ने 30 दिनों के भीतर मरम्मत कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि “निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने पर संबंधित एजेंसी व संवेदक से राशि वसूली कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”उपायुक्त का संदेश उपायुक्त हेमंत सती ने कहा कि “जनता को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। लापरवाही करने वाले अधिकारी-कर्मियों पर कठोर कार्रवाई होगी।

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