रामेश्वर विश्वकर्मा रुद्रपुरी ब्यूरो चीफ विशाल विचार
देवरिया। गुरुवार की अपराह्न देवरिया शहर भक्ति, उत्साह और सौहार्द के रंगों में डूब गया, जब श्रीरामलीला समिति के तत्वावधान में ऐतिहासिक राम बारात नगर भ्रमण को निकली। पूरे मार्ग पर “जय श्रीराम” के उद्घोष और भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनियाँ वातावरण को आलोकित करती रहीं। शहरवासियों ने जगह-जगह बारात का भव्य स्वागत कर गंगा-जमुनी तहज़ीब की अनूठी झलक पेश की।
बारात जैसे ही अबुबकर नगर और अमन गेट पहुँची, तो वहाँ का दृश्य वाकई अद्भुत था। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने फूलों की वर्षा की, आरती उतारी और भगवान राम की शोभायात्रा का खुले दिल से स्वागत किया। यह दृश्य देखते ही बनता था, जब धर्म की सीमाएँ मिट गईं और हर ओर एकता, प्रेम और भक्ति का सागर उमड़ पड़ा। सुभाष चौक, मालवीय चौक, अमन गेट, सब्ज़ी मंडी और स्टेशन रोड समेत कई स्थानों पर नागरिकों ने दीप जलाकर और पुष्पवर्षा कर बारात का अभिनंदन किया। घरों की छतों से महिलाएँ आरती उतारती और पुष्प वर्षा करतीं दिखीं, बच्चे झूमते हुए जय श्रीराम के नारे लगाते रहे।

राम बारात के संयोजक अखिलेन्द्र शाही ने बताया कि, यह केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज में भाईचारे और प्रेम का जीवंत प्रतीक है। देवरिया की यह परंपरा हमें एकता का संदेश देती है। वहीं शहर निवासी समाजसेवी जावेद अहमद ने कहा, कि राम बारात देवरिया की पहचान है। यहां हर मजहब के लोग मिलकर इसका स्वागत करते हैं, यही हमारी साझा संस्कृति की ताकत है। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन की सतर्क निगरानी में यात्रा शांतिपूर्ण और गरिमामय माहौल में संपन्न हुई। देवरिया की यह राम बारात एक बार फिर साबित कर गई कि आस्था जब इंसानियत से मिले, तो भक्ति भी भाईचारा बन जाती है, और यही है इस मिट्टी की असली पहचान।
