विशाल विचार- सुरेश पटेल ब्लाक कॉर्डिनेटर खजुहा फतेहपुर
जनपद में बाटस चौदस के मौके पर बच्चों ने झोंझिया व टेसू का पारंपरिक त्यौहार मनाया।इस दौरान बच्चों ने टेसू और झोंझिया की झांकियां निकाली पूरे गांव में घर घर घूम कर भिक्षा ली और लोकगीतों के माध्यम से सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत रखा।
यह लोक परंपरा भारतीय ग्रामीण जीवन की एक अमूल्य धरोहर है।यह सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि इसमें सामाजिक समरसता,आपसी मेलजोल और बच्चों के बीच सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने का गहरा उद्देश्य निहित है।टेसू, और झोंझिया की झांकियां मिट्टी,कागज,और कपड़े जैसी सामग्रियों से सुंदर मूर्तियां बनाकर सजाई जाती हैं।बच्चे इन झांकियों को लेकर घर घर जाते हैं।इस दौरान वो पारंपरिक गीत गाते हैं।जिनमें लोक कथाएं और सामाजिक संदेश शामिल होते हैं।लोग उन्हें आशीर्वाद स्वरूप अनाज या पैसे दान के रूप में देते हैं।
