विशाल विचार-शेखर सिद्दीकी ब्यूरो चीप फतेहपुर
जनपद के थाना असोथर क्षेत्र के बड़ा तिवारी का डेरा मजरे सरकंडी गांव में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक 15 वर्षीय छात्रा ने घर के अंदर फंखे के कुंडे से साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल है। जानकारी के अनुसार, सरकंडी निवासी देवराज तिवारी की सबसे छोटी बेटी खुशी तिवारी (15) लोकभारती इंटर कॉलेज सरकंडी में कक्षा दस की छात्रा थी। शुक्रवार की देर रात वह परिवार के साथ भोजन करने के बाद अपने कमरे में सोने चली गई थी। शनिवार सुबह जब मां विमला देवी ने दरवाजा खोला तो देखा कि बेटी का शव फंखे के कुंडे से साड़ी के फंदे पर लटक रहा है। यह दृश्य देखकर मां चीख पड़ी और बेहोश होकर गिर गई। चीख-पुकार सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना पर चौकी इंचार्ज विनोद कुमार निगम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच की। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा है।
चौकी इंचार्ज के अनुसार, कमरे से किसी भी प्रकार का सुसाइड नोट या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार रात खुशी मोबाइल देख रही थी, जिसको लेकर मां ने उसे टोका था। इसके बाद सभी लोग अपने-अपने कमरे में सोने चले गए थे। सुबह जब मां ने देखा तो बेटी का शव फंदे लटक रहा था। परिजनों ने बताया कि खुशी पढ़ाई में काफी तेज और आत्मविश्वासी स्वभाव की थी। दो दिन पूर्व ही वह मां दुर्गा की पूजा-पाठ और मूर्ति विसर्जन में पूरे उत्साह के साथ शामिल हुई थी।

विद्यालय प्रबंधक जनार्दन त्रिपाठी ने बताया कि खुशी कक्षा में होनहार और विनम्र स्वभाव की छात्रा थी। उसके निधन की खबर से विद्यालय परिवार स्तब्ध है। विद्यालय में शिक्षकों और छात्रों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। परिवार के अनुसार, खुशी पांच बहनों और एक भाई में सबसे छोटी थी। तीन बड़ी बहनों कोमल, विभा और निशा का विवाह हो चुका है। चौथी बहन तन्नू और छोटा भाई सत्यम (12 वर्ष) के साथ खुशी मां विमला देवी के साथ घर पर रहती थी। पिता देवराज तिवारी सूरत में प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनके पास करीब 5 बीघे खेत हैं जिन्हें बंटाई में दिए रहते हैं। जिससे परिवार का भरण-पोषण करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही वे सूरत से गांव के लिए रवाना हो गए हैं। परिवार ने बताया कि अंतिम संस्कार पिता के पहुंचने के बाद ही किया जाएगा।
घटना के बाद से मां विमला देवी, बहन तन्नू और भाई सत्यम का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश की, लेकिन घर में कोहराम का माहौल बना हुआ है। सरकड़ी चौकी इंचार्ज विनोद कुमार निगम ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
