हरिद्वार की पिरान कलियार मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए एक हिंदू लड़की ने उत्तराखंड हाईकोर्ट से याचिका के माध्यम से सुरक्षा माँगी थी। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी इसका संज्ञान लेते हुए 22 वर्षीय लड़की को मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई है। लड़की का कहना है कि उसे उसके इस कदम के लिए कई हिंदूवादी संगठनों के माध्यम से अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही थी। उसने बताया कि हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि मस्जिद में नमाज अदा मत करो वरना तुमको नुकसान पहुँचाया जायेगा। इसके बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट की नैनीताल बेंच ने लड़की को अदालत में पेश होने का आदेश दिया और पेशगी के दौरान पूछा कि आप हिंदू होते हुए मस्जिद में नमाज क्यों पढ़ना चाहती हैं ? तो उस लड़की ने कारण बताते हुए कहा कि वह एक दूसरे समुदाय के व्यक्ति जिसकी उम्र 35 वर्ष है , के साथ दो सालों से रह रही है। आगे लड़की ने बताया कि वह न तो इस्लाम अपनाना चाहती है और न उसने किसी मुस्लिम व्यक्ति से शादी की है। बस उसका कहना यह है कि वह एक बार पिरान कलियार मस्जिद में घूमने गई थी और उसे वह पसंद आयी जिसके बाद उसके मन में उस जगह पर नमाज अदा करने की इच्छा जागृत हुई। मामले की सुनवाई के बाद लड़की की वकील शीतल सेलवाल ने कहा कि हमने अपनी याचिका जस्टिस मनोज कुमार तिवारी और पंकज पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष दायर की थी। कोर्ट ने मेरी क्लाइंट को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए पिरान कलियार क्षेत्र के थाना प्रभारी को नोटिस भिजवाकर सुरक्षा व्यवस्था संबंधी आदेश दिए। सुनवाई की अगली तारीख 22 मई तय की गई है। सेलवाल ने आगे बताया कि पिरान कलियार जगह कुछ इस तरह की है कि वहाँ अलग – अलग समुदाय के लोग अपनी आध्यात्मिक शांति व प्रार्थना करने के लिए पहुँचते हैं तथा लड़की भी इसी क्षेत्र में रहती है।

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