
जम्मू कश्मीर के पुंछ में 20 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में हमारे पाँच जवान शहीद हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी जैश से जुड़े संगठन पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट ने ली थी। सेना की तरफ से इस हमले को लेकर एक आधिकारिक बयान भी जारी किया गया था। बयान में बताया गया था कि आतंकवादियों द्वारा सेना के उस वाहन पर हमला किया जो राशन और ईंधन का सामान लेके जा रहा था। इसी क्रम में आतंकी हमले के संबंध में एक नया खुलासा हुआ है , जिसमें सूचना यह मिली है कि आतंकवादियों ने हमले के लिए जो कारतूस इस्तेमाल किए थे वह चीन में निर्मित थे। चीन द्वारा निर्मित यह गोलियाँ स्टील निर्मित थीं और गोलीबारी के लिए इस्तेमाल की गयी थीं। सेना और एनआईए लगातार इसमें चीन के हस्तक्षेप तथा भूमिका को तलाशने में जुटे हैं। बताया यह जा रहा है कि इस हमले में जो गोलियाँ इस्तेमाल हुई थीं , वह 7.62 mm की थीं। इनकी बनावट को देखकर चीन से इनके जुड़ाव को खंगाला जा रहा है। एके 47 में इस्तेमाल होने वाली यह गोलियाँ जिनका आकार 7.62 mm × 39 mm है , सोवियत रूस में सबसे पहले बनी थीं। इस तरह की गोलियाँ एके 47 पैटर्न पर बनी रायफल एसकेएस और आरपीके लाइट मशीन गनों में इस्तेमाल होती थीं। 1956 में चीन ने इसमें बदलाव किए और गोलियों को अपग्रेड करते हुए इन्हें M43 स्टाइल के हिसाब से ढाला। गोली को स्टील कोर के साथ तैयार किया गया तथा उस पर कॉपर प्लेटेड स्टील कवर जैकेट चढ़ाई गई। चीन ने 1956 में ही एके सीरीज की एक और रायफल तैयार की जो कि एके 56 कहलायी। इससे किसी भी बख्तरबंद वाहन को भेदा जा सकता है। चीन इसे अधिक इस्तेमाल नहीं करता बल्कि निर्यात अधिक करता है तथा अमेरिका ने अपने यहाँ इस पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इस हमले में शहीद जवानों में सेना के अनुसार राष्ट्रीय रायफल्स के लांस नायक देवाशीष बसवाल , लांस नायक कुलवंत सिंह , हवलदार मनदीप सिंह , सिपाही हरकिशन सिंह और सिपाही सेवक सिंह थे।
