वाशिंगटन: अब अगर आपको अमेरिका का वीजा चाहिए, तो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के हैंडल या यूजननेम की जानकारी देनी होगी. ट्रंप प्रशासन ने वीजा प्रक्रिया में यह बड़ा बदलाव किया है. प्रत्येक वीजा पर लिए गए फैसले को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा निर्णय’ बताते हुए अमेरिका ने आवेदकों से पिछले पांच वर्षों में उनके द्वारा उपयोग किए गए प्रत्येक सोशल मीडिया मंच के ‘हैंडल’ या ‘यूजरनेम’ की जानकारी साझा करने को कहा है.
भारत में अमेरिकी दूतावास ने एक बयान जारी किया, जिसमें सोशल मीडिया से संबंधित जानकारी साझा न करने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि इससे ‘वीजा आवेदन खारिज किया जा सकता है और भविष्य में वीजा के लिए अयोग्य करार दिए जा सकते हैं।’ दूतावास ने ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में कहा, ‘वीजा आवेदकों को डीएस-160 वीजा आवेदन पत्र में पिछले पांच वर्षों में उपयोग किए गए सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के हैंडल या यूजरनेम को सूचीबद्ध करना अनिवार्य है।’ आवेदक हस्ताक्षर करने और जमा करने से पहले सुनिश्चित करें कि उनके वीजा आवेदन में प्रदान की गई जानकारी सही और सत्य है।
इसने कहा, ‘सोशल मीडिया संबंधी जानकारी साझा नहीं करने से वीजा आवेदन अस्वीकृत हो सकता है और भविष्य में वीजा के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है.’ अमेरिकी दूतावास ने 23 जून को ‘एफ, एम या जे’ श्रेणी के गैर-अप्रवासी वीजा के लिए आवेदन करने वालों से अपने सोशल मीडिया खातों की गोपनीयता सेटिंग को ‘पब्लिक’ करने के लिए कहा था ताकि पुनरीक्षण की सुविधा मिल सके. दूतावास ने कहा था कि इस तरह का पुनरीक्षण कानून के तहत अमेरिका में उनकी पहचान और स्वीकार्यता स्थापित करने के लिए आवश्यक है.
