विशाल विचार
शेखर सिद्दीकी ब्यूरो चीफ फतेहपुर
जनपद में पिछले दिनों राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में दर्ज अब्दुल समद के मकबरे को कुछ अराजक तत्वों द्वारा ठाकुर जी का मंदिर बताए जाने के बाद भरी भीड़ का मकबरे पर हमला वा तोड़ फोड़ के बाद पैदा हुआ अराजकता का माहौल पूरी तरह से शांत रहा । घटनास्थल के आईजी के निरीक्षण के बाद पुलिस महकमा पहले से अधिक सक्रिय दिखा गैर जनपदों से आए अपर पुलिस अधीक्षक रैंक के अफ़सरों के अलावा भारी पुलिस बल की मौजूदगी से समूचा मकबरा क्षेत्र छावनी में तब्दील दिखाई दे रहा है । वहीं आसपास के आबादी क्षेत्र में कर्फ्यू जैसे हालात दिखाई दिए । पुलिस सुरक्षा ऐसी की लोगों को अपने घरों को आने व जाने में पुलिस के सवाल जवाब का सामना करना पड़ रहा है । गौरतलब है कि शहर के बीचो-बीच स्थित राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में दर्ज़ मकबरे को हिंदूवादी संगठनों द्वारा विराजमान ठाकुर जी का मंदिर बताया जा रहा है । जबकि मुस्लिम पक्ष इसे ऐतिहासिक इमारत नवाब वंशज अब्दुल समद का मकबरा और राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में दर्ज बता रहा है । भाजपा जिला अध्यक्ष और हिंदू संगठनों के आवाहन पर 11 अगस्त को यहां पर पूजा पाठ करने की प्रशासन से अनुमति मांगी थी। इसके लिए लोगों से एकत्रित होने के लिए आवाहन किया गया था ।हालांकि प्रशासन द्वारा किसी भी तरह की अनहोनी की आशंका को देखते हुए मकबरे के आसपास बेरी कटिंग लगाकर सुरक्षा दी थी । भारी भीड़ ने पुलिस की सुरक्षा में सेंध लगाकर मकबरा में घुसकर तोड़फोड़ वा नारेबाजी की थी । जिसके बाद मुस्लिम पक्ष की ओर से भी पत्थर बाजी की बात सामने आई थी । दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद स्थिति तनाव पूर्ण हो गई थी। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को किसी तरह से शांत कर शहर के अमन को बचाया जा सका था । घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीजी डॉक्टर संजीव गुप्ता मंडल आयुक्त विजय विश्वास व आईजी प्रयागराज अजय कुमार मिश्रा ने जनपद पहुंचकर जिलाधिकारी रविंद्र सिंह व पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह के साथ हालातो का जायजा लिया था । सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई जनपदों से अपर पुलिस अधीक्षक समेत भारी पुलिस बल को बुला कर लगाए गए थे । मकबरे की सुरक्षा भी तीन स्तरीय की गई है । मुख्य सड़क से आने वाले रास्तों में बैरिकेडिंग लगाकर फोर्स को तैनात किया गया है । जबकि मुख्य मार्गों के पास भी दो स्तरीय बैरिकेट्स बल्लियों के लगाकर भारी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है । मकबरा विवाद और तोड़फोड़ से मुस्लिम समुदाय में दुख वा आक्रोश भी देखने को मिला । प्रशासन द्वारा सुरक्षा के दिए गए आश्वासन के बाद भी मकबरे में तोड़फोड़ की घटना हो जाने से मुस्लिम समुदाय में शहर काज़ीयो वा मुअज्जिज लोगों के विरुद्ध भी आक्रोश दिखा सोशल मीडिया में शहर काजी अब्दुल्ला शहीदुल इस्लाम की संयम बरतने की अपील पर लोग उन्हें जमकर ट्रोल करते रहे । वहीं शहर काजी कारी फरीदुद्दीन भी सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखे । मकबरा विवाद के बाद सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुख्य सड़क से अंदर जाने वाली गलियों के बाहर पुलिस के लगाए वेरी कैट्स से स्थानीय निवासियों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है । सड़कों से अपने घरों को जाने के लिए लोगों को पुलिस के सवाल जवाब का सामना करना पड़ रहा है । लोगों का कहना है कि काश ऐसी सुरक्षा पहले लगाई होती तो शहर के इतिहास में इतनी बड़ी घटना ना घटती । मकबरे विवाद में प्रशासन की बड़ी चूक के साथ खुफिया विभाग की नाकामी भी निकाल कर सामने आ रही है । स्थानिक खुफियां एजेंसियां मामले की गंभीरता का पता ही नहीं लगा सकी । हालांकि दोनों पक्षों की सूझबूझ और संयम बरतने से शहर सांप्रदायिकता की आग की चपेट में आने से बच गया । घटना के बाद दोनों समुदायों के बीच की परिस्थितियों पर नजर रखने व शासन को हालातो से अवगत कराने के लिए केंद्रीय खुफिया एजेंसी आईबी ने शहर के अलग-अलग क्षेत्र में डेरा डाल दिया है । मकबरे को हिंदू मंदिर बताएं जाने वह तोड़फोड़ के जाने की घटना को प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे एवं अमरोहा से विधायक कमाल अख्तर द्वारा सदन में उठाया गया । माता प्रसाद पांडे द्वारा प्रदेश की कानून व्यवस्था के खराब होने वह तोड़फोड़ के आरोपियों पर कार्रवाई किए जाने की प्रदेश सरकार से जानकारी मांगी । वही अमरोहा से विधायक कमाल अख्तर ने भी मकबरे पर की गई तोड़फोड़ को राष्ट्रीय संपत्ति पर हमला बताते हुए घटना पर सरकार से कार्रवाई की मांग किया । जिले के सांसद एवं समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने मकबरे पर की गई तोड़फोड़ को भारतीय जनता पार्टी की साजिश और नाकामी बताया । उन्होंने ने कहा कि सदन में इस मुद्दे को उठाए जाने के लिए उन्होंने आग्रह पत्र दिया था ।लेकिन सदन के स्थगित होने की वजह से वह इसे सदन के समक्ष नहीं उठा सके । जनपद के ऐतिहासिक मकबरे में तोड़फोड़ के मामले की जानकारी कांग्रेस व सपा नेताओं के द्वारा कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी को दी गई । स्थानीय नेताओंके द्वारा आवश्यक कागज उनके कार्यालय द्वारा मांगे जाने पर भेजने की बात कही गई है ।राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी अल्पसंख्यकों के मामलो में अक्सर सरकार को घेरते रहते हैं। इमरान प्रतापगढ़ी इस मामले को उच्च सदन में उठा सकते हैं।
