गौरव गोयल -पलवल/फरीदाबाद
ज्ञापन किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत की अध्यक्षता में सौंपा गया। ज्ञापन में अमेरिका के साथ प्रस्तावित सीईटीए और एफटीए का विरोध किया गया है। किसान नेता रतन सिंह सौरोत का कहना है कि ये समझौते विदेशी निवेश को बढ़ावा देंगे, जिससे भारतीय किसानों और छोटे व्यवसायों को नुकसान होगा। ज्ञापन में नवंबर 2024 में घोषित नेशनल पालिसी फ्रेमवर्क आन एग्रीकल्चर मार्केटिंग और जुलाई 2025 में घोषित नई नेशनल कोआपरेटिव पालिसी का भी विरोध किया गया है। उन्होंने इन नीतियों को राज्य सरकारों के अधिकारों पर हमला और कृषि के कॉरपोरेट कारण की साजिश बताया।
किसान नेता रतन सिंह सौरोत ने कहा कि सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाए। समग्र कर्ज माफी की मांग करते हुए माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा किसानों के उत्पीड़न को रोकने के लिए कानून बनाया जाए।स्मार्ट मीटरों पर रोक लगाई जाए, बकाया बिजली बिलों की माफी और ग्रामीण क्षेत्रों में 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाए। लैंड पूलिंग नीति को वापस लिया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष समंदर सिंह चौहान, होशियार सरपंच, रामदयाल सरपंच, टेका सरपंच, सुमेर सरपंच, ज्ञान सिंह चौहान, अजीज कुरैशी, देशराज पांचाल, राहुल तंवर, वीरेंद्र अल्लिका, तेजपाल बहीन, प्रताप चेयरमैन, भागीरथ घरौट, प्रभु सिंह खिरबी, गजराज घोड़ी भी शामिल थे।

