जनपद के जहानाबाद थाना क्षेत्र एवं अमौली रेंज के बुढ़वा में बीते दिनों 19 /8/2025 को एक लकड़ी माफिया द्वारा बिना आधिकारिक परमिशन के सागौन के हरे पेड़ों की अवैध रूप से काटन कराई गई । जिसकी खबर खबर को प्रमुखता से अखबार में उठाए जाने के बात जिम्मेदारों की नींद टूटी । और तीन दिन बाद आज आखिर उन्होंने सागौन के वृक्षों की अवैध कटाई करने वालों पर संबंधित थाना क्षेत्र में मुकदमा दर्ज करवाया । लेकिन वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा लिखवाई गई रिपोर्ट में ही खेल कर दिया गया । वन रक्षक शिवम वर्मा और वन दरोगा विकास मिश्र ने मौके का मुआयना किया । और मौका मुआइना के बाद अपनी रिपोर्ट में यह नहीं दिखाया कि कितने पेड़ काटे गए हैं । और किस पेड़ की गोली और मोटाई कितनी है। इस तरह मुकदमा दर्ज करवाया गया जो की पूरी तरह लकड़ी माफियाओं के पक्ष में है। जहां कुछ पेड़ों का उल्लेख किया गया । वहां पर पेड़ों की कोई भी संख्या नहीं दर्शाई की कुल कितने पेड़ काटे गए हैं ।जिससे कि पेड़ काटने वाले को बचाया जा सके। और केवल एक ही व्यक्ति का नाम इस रिपोर्ट में दर्शाया गया।जबकि यह संगठित अपराध है एक अकेला व्यक्ति इतने पेड़ों को काटकर नहीं ले जा सकता है। इस तरह वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मुकदमा लिख कर जहां लोगों को भ्रमित कर रहे हैं । वहीं वन माफियाओं को बचाने की भी पूरी कोशिश की गई है । वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा सिर्फ एक बिन्दकी के एक लकड़ी ठेकेदार का रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है । और उसी के खिलाफ जहानाबाद थाना में मुकदमा दर्ज कराया। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों का यह खेल कोई नया खेल नहीं है बल्कि जहां भी बड़ी मात्रा में इस तरह पेड़ों की कटाई होती है उसमें सिर्फ एक आदमी के खिलाफ तहरीर देकर उसके खिलाफ मुकदमा करवा कर खुद अपनी पीठ थपथपा लेते हैं ।वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सागौन के वृक्षों की कटाई की शिकायत को गंभीरता से लिया गया और तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की गई। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से वृक्षों की कटाई करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं वन विभाग के अधिकारियों द्वारा अपनी साख बचाने के लिए एक अपील भी जारी की गई जिसमें उनकी प्रतिबद्धता और बन संरक्षण की एवं कटिबद्धता दर्शाते हुए लोगों से वन संपदा की रक्षा की अपील की गई । अगर वन विभाग जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाह करें तो एक भी हरे पेड़ का पातन नहीं हो सकता है ।वन विभाग पर्यावरण संरक्षण और वन संपदा की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और जनता से अपील करता है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।
