नई दिल्ली:

आतंकवाद से पाकिस्तान का चोली-दामन का साथ रहा है, ये बात अब दुनिया भी जान चुकी है. खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तान एक बार फिर पाक अधिकृत कश्मीर और अपने अन्य इलाकों में आतंकी लॉन्च पैड और ट्रेनिंग कैंप को तैयार करने में आतंकी संगठनों की मदद कर रहा है. ये वही आतंकी लॉन्च पैड और ट्रेनिंग कैंप हैं जिन्हे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने बर्बाद किया था. खबर मिल रही है कि पाकिस्तान पाक अधिकृत कश्मीर के जंगली इलाकों में भी हाईटेक लॉन्चिंग पैड बना रहा है. इन तमाम आतंकी कैंपों को बनाने में पाकिस्तानी सेना, ISI और वहां की सरकार, इन आतंकी संगठनों को अपना पूरा सपोर्ट दे रही है. बहावलपुर में ISI की मौजूदगी में जैश, लश्कर, हिजबुल और TRF कमांडरों के साथ बैठक भी हुई है.

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान इन आतंकी लॉन्च पैड के पुनर्निर्माण में वर्ल्ड बैंक और ADB से प्राप्त फंड का काफी बड़ा हिस्सा लगा रहा है। इन आतंकवादी शिविरों को पूरी तरह से आधुनिक तकनीक से विकसित किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अब नए प्रशिक्षण शिविर इस प्रकार तैयार किए जा रहे हैं जिनका निरीक्षण नहीं किया जा सकेगा. हर कैंप की सुरक्षा के लिए विशेष सेना प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड तैनात होंगे, जो आधुनिक उपकरणों से निगरानी करेंगे. एक कैम्प में 200 से अधिक आतंकवादियों को एक साथ प्रशिक्षण नहीं दिया जाएगा, जिससे निगरानी से बचा जा सके।

अब छोटे-छोटे कई ट्रेनिंग कैंप बनाए जा रहे हैं

सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान अपने इलाके में अब पहले की तुलना में छोटे-छोटे कई ट्रेनिंग कैंप बनाने पर फोकस कर रहा है. इन कैंपों में सीमित आतंकियों को ही रखने की व्यवस्था होगी. पाकिस्तान लूनी, पुटवाल, भैरोनाथ, टीपू पोस्ट, जमील पोस्ट, उमरांवली, चपरार फॉरवर्ड, छोटा चक, अफजल शहीद और जंगलोरा में तबाह सभी आतंकी को कैंप को फिर से तैयार करने में जुटा है.

इन सभी को आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित किया जा रहा है ताकि भारतीय एजेंसियों के नियंत्रण में न आएं। वहीं, POK के इन क्षेत्रों में नए लांचिंग पैड फिर से बनाए जा रहे हैं। ये लॉन्च पैड केल, सारडी, दुधनियाल, अथमुकम, जुरा, लीपा, पछिबन, कहुटा, कोटली, खुइरत्ता, मंधार, निकैल, चमनकोट और जानकोटे में स्थित हैं. ISI ने इस तरह की योजना बनाई है कि घने वन क्षेत्रों में स्थापित ये ठिकाने ड्रोन या उपग्रह द्वारा भी नहीं खोजे जा सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *