विशाल विचार – शेखर सिद्दीकी ब्यूरो चीफ फतेहपुर

जनपद के सदर अस्पताल के ट्रामा सेंटर में मरीज़ के तीमारदारों का ड्यूटी पर मौजूद स्टॉप द्वारा शोषण रुकने का नाम नही ले रहा है। पीड़ित जिला अस्पताल अपने मरीज़ को इस लिए लेकर आते है कि उसके मरीज़ को सरकारी सुविधाओ का लाभ मिलेगा। मगर जिला अस्पताल में जब उसको एक छोटी सी पर्ची यह कह कर पकड़ाई जाती है कि यह इंजेक्सन बाहर से लेकर आओ तुम्हारे मरीज़ को लगना है। तीमारदार बाहर स्टोर पर पहुंचता है और उसको इंजेक्सन की कीमत आठ सौ रुपए अदा करनी पड़ती है तो सरकारी अस्पताल में फ्री इलाज का भ्रम उसका दूर हो जाता है। आज भी कुछ इसी तरह मरीज़ के तीमारदार के साथ घटना पेश आई। मरीज़ के तीमारदार हुसैनगंज थाना क्षेत्र के शहबसी गाँव निवासी कल्लु का पुत्र दिनेश थाना क्षेत्र के इटौली गाँव निवासी अपने रिस्तेदार राम कृपाल की 30 वर्षीय पत्नी रुची देवी को जिला अस्पताल लेकर आया। रुची देवी को।घर मे काम करते समय किसी ज़हरीले कीड़े ने काट लिया था। जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी तो उसको इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहाँ ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर भर्ती कर उसका इलाज कर रहे थे। तभी मौजूद स्टॉप ने उसके तीमारदार दिनेश को एक छोटी से पर्ची पकड़ाते हुए कहा यह इंजेक्सन यहाँ नही है बाहर से लेकर आओ बाहर स्टोर से वह इंजेक्सन 8 सौ रुपए का मिला जिसकी शिकायत उसने मौजूद गार्ड से किया तो गार्ड ने सीएमएस के पास भेज दिया। सीएमएस जब नही मिले तो पीड़ित ने मीडिया से शिकायत करते हुए बताया। यह जिला अस्पताल के स्टॉप द्वारा यह इंजेक्सन बाहर से मंगाया गया है। जिसकी कीमत 8 सौ रुपए उसको अदा करनी पड़ी है जब सरकारी अस्पताल में सारी दवाएं फ्री है।

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