मुंबई: बिलाल अहमद तेली को हाल ही में आईआईटी बॉम्बे परिसर में 14 दिनों तक अवैध रूप से रहने के आरोप में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है. क्राइम ब्रांच की पूछताछ के दौरान बिलाल ने कई चौंकाने वाले रहस्य उजागर किए हैं। बिलाल ने कहा कि वह सोशल मीडिया का प्रभावशाली व्यक्ति बनना चाहता था और इस मकसद को हासिल करने के लिए कई ब्लॉग बनाए थे। साथ ही, उनके संचालन के लिए 21 ईमेल आईडी भी बनाई गई थीं।

21 ईमेल आईडी बनाईं

मुंबई क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार आरोपी ने 21 ईमेल आईडी बनाई थीं और इनका इस्तेमाल खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में पेश करने के लिए किया था. वह सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनकर अधिक पैसा कमाना चाहता था और इसी मंशा से उसने मैंगलुरु, हैदराबाद समेत विभिन्न शहरों के नाम से 21 ईमेल अकाउंट बनाए ताकि उन शहरों की वीडियो और कंटेंट अपलोड कर सके. जांच में यह भी सामने आया है कि दिसंबर 2024 में बिलाल बहरीन गया था और इससे पहले वह दुबई भी जा चुका है.

एक सेमिनार में शामिल हुआ था आरोपी

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, IIT पवई में रहते हुए उसने एआई सेमिनार में प्रतिभाग किया था। तेली ने मैंगलुरु से 10वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद वेब डिजाइनिंग में एक वर्ष का डिप्लोमा किया है। वह वर्तमान में सूरत की एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रहा है, जहां उसकी महीने की कमाई 1.25 लाख है। वेब डिजाइनिंग में प्रशिक्षित बिलाल, जिसने कक्षा 10 से अध्ययन छोड़ दिया, आईआईटी के प्रति विशेष रुचि रखता था। औपचारिक शिक्षा की कमी होने के बावजूद वह सम्मानित संस्थान के परिसर में प्रवेश करने में सफल रहा।

हॉस्टल के कॉमन रूम के सोफे पर सोता था आरोपी

क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उसने अपने फोन से कुछ वीडियो बनाए और तस्वीरें लीं लेकिन किसी को भेजा नहीं. वह हॉस्टल के कॉमन रूम के सोफे पर सोता था और उन जगहों पर जाता था जहां मुफ्त में कॉफी मिलती थी. उसने खुद को पीएचडी छात्र बताकर कई लोगों को भ्रमित किया.

खुफिया ब्यूरो भी मामले की कर रहा जांच

इस मामले में खुफिया ब्यूरो और आतंकवाद निरोधक एजेंसियों ने भी उससे पूछताछ की है. क्राइम ब्रांच के अनुसार, अब तक की जांच में आरोपी के खिलाफ कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है लेकिन हर एंगल से अब भी जांच जारी है. आरोपी फ़िलहाल 7 जुलाई तक क्राइम ब्रांच की हिरासत में है.

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