मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि महज चार महीने में दिल्ली ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन किया गया है. ये संवैधानिक निकाय होगा, व्यापारियों की भलाई इसका मुख्य उद्देश्य है. व्यापारियों की समस्या को हल करना इसका मकसद है. व्यापारियों को वित्तीय सहायता, निवेश में मदद और पॉलिसी बनाने में इस बोर्ड की बड़ी भूमिका होगी.
दिल्ली सरकार ने बुधवार को दिल्ली ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन करने की घोषणा की है. इस 15 सदस्यीय बोर्ड के अध्यक्ष उद्योग मंत्री मनजिंदर सिरसा होंगे। इसके अतिरिक्त 9 सदस्य व्यापारियों के वर्ग से होंगे। इसके अतिरिक्त MCD उद्योग विभाग के भी अधिकारी मौजूद रहेंगे। राज्य और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला भी इस बोर्ड के माध्यम से आयोजित होंगे, जहां 8 लाख व्यापारियों का प्रतिनिधित्व किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि महज चार महीने में दिल्ली ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन किया गया है. ये संवैधानिक निकाय होगा, व्यापारियों की भलाई इसका मुख्य उद्देश्य है. व्यापारियों की समस्या को हल करना इसका मकसद है. व्यापारियों को वित्तीय सहायता, निवेश में मदद और पॉलिसी बनाने में इस बोर्ड की बड़ी भूमिका होगी. राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला भी इस बोर्ड के ज़रिए होंगे. दिल्ली में 8 लाख व्यापारियों का प्रतिनिधित्व किया जाएगा और बिजनेस को बढ़ाना
व्यापारियों से जुड़ी कोई समस्या होगी तो उसका समाधान किया जाएगा.
वेलफेयर बोर्ड को दिया 10 करोड़
दिल्ली सरकार ने इसे बजट के समय ही घोषित किया था। इस समय ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड को 10 करोड़ रुपये दिए गए हैं. बोर्ड का अध्यक्ष दिल्ली सरकार का मंत्री रहेगा, यह 15 सदस्यों की समिति होगी। 9 सदस्यों का व्यापारी वर्ग होगा। 6 लोग अधिकारियों सहित मंत्री होंगे। इस बोर्ड के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला भी आयोजित किए जाएंगे। दिल्ली में 8 लाख व्यापारियों का प्रतिनिधित्व किया जाएगा। इसके जरिये दिल्ली के व्यापारियों की समस्याएँ और उनके सुझाव सरकार तक पहुँचेंगे। दिल्ली सरकार अगले वर्ष निवेशकों की बैठक आयोजित करने की योजना बना रही है। इस परिप्रेक्ष्य में निवेश और वाणिज्य को प्रोत्साहित करने के लिए ट्रेड वेलफेयर बोर्ड बनाने का निर्णय महत्वपूर्ण है।
