रायपुर: रायपुर में कांग्रेस पार्टी कार्यालय ‘राजीव भवन ‘ में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक अहम बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का मोबाइल फोन चोरी हो गया. ये घटना ने सिर्फ कांग्रेस खेमे में चिंता पैदा की, बल्कि देखते ही देखते राजनीतिक तूफान भी खड़ा कर दिया. दीपक बैज पार्टी के राज्य प्रमुख हैं, ऐसे में कहा जा रहा है कि उनके फोन में महत्वपूर्ण रणनीतिक जानकारी, नेताओं की बातचीत और आगामी चुनाव से जुड़ी सूचनाएं हो सकती हैं.
इस तरह फोन का चोरी होना कांग्रेस के लिए गंभीर चिंता का कारण है। एक तरफ पुलिस जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर बीजेपी इस पूरे मामले को कांग्रेस के आंतरिक मतभेदों से संबंधित कर रही है।
NSUI मीटिंग के दौरान गायब हुआ फोन
ये घटना तब हुई जब दीपक बैज नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के पदाधिकारियों के साथ एक अहम रणनीति बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे. बैठक का उद्देश्य था आगामी रैली की तैयारियां, जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के शामिल होने की संभावना है.
बैठक के दौरान अचानक बैज का फोन अलमारी से लापता हो गया, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खलल पड़ गया. बैठक में भीड़भाड़ के कारण और गंभीर चर्चाओं के चलते सवाल उठने लगे कि क्या यह सिर्फ एक चोरी है या कोई और साजिश है
पुलिस में शिकायत, जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही खम्हारदीह थाना में शिकायत दर्ज की गई. पुलिस स्टेशन प्रभारी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर राजीव भवन का निरीक्षण किया और सुराग जुटाने की कोशिश की. हालांकि ये मामला साधारण चोरी लग सकता था, लेकिन इसने धीरे-धीरे राजनीतिक रंग ले लिया.
बीजेपी का हमला- मोबाइल में कौन से राज?
छत्तीसगढ़ के वन मंत्री और बीजेपी नेता केदार कश्यप ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, ‘दीपक बैज को यह बताना चाहिए कि उनके फोन में ऐसा क्या था जिसे उनकी पार्टी के लोग जानने के इच्छुक थे?’ उन्होंने बताया कि यदि बैज को भूपेश बघेल, टीएस सिंह देव या किसी अन्य कांग्रेस नेता पर संदेह है, तो राज्य सरकार जांच में पूरी तरह से सहयोग करेगी।
