भारतीय जनता पार्टी में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम को लेकर काफी लम्बे समय से चर्चा चल रही है। अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी के भी नाम पर मुहर नहीं लगी है। लेकिन कुछ नाम ऐसे हैं जिन्हे राष्ट्रीय अध्यक्ष की रेस में सबसे आगे माना जा रहा है।उनमें राजनाथ सिंह, धर्मेंद्र प्रधान, वानाथी श्रीनिवासन, निर्मला सीतारमण और कुछ नाम शामिल हैं। जानकारों का ऐसा मानना है कि भाजपा किसी ऐसे चेहरे को पार्टी की कमान सौंपना चाह रही है जो आने वाले चुनावों में मजबूती के साथ कड़े फैसले ले सके।राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की बात करें तो यह कहा जा रहा था कि अप्रैल महीने के अंत तक भाजपा नए चेहरे का ऐलान कर देगी। पार्टी के अंदर नाम को लेकर सहमति भी बन चुकी है। हर किसी को बस उस दिन का इन्तजार था जब पार्टी अपने अध्यक्ष का चुनाव करे। लेकिन अप्रैल महीने में देश में कुछ ऐसी घटनाएं हुए जिसके बाद से अब फिर एक बार नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम के ऐलान का दिन दूर जाते दिखाई दे रहा है।
भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान अब इस वजह से भी काफी दूर जाता दिख रहा है क्योकि 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला हो गया। जिसके बाद से भाजपा सरकार और देश के सभी बड़े नेताओं की नजर पाकिस्तान पर टिक गई है। केंद्र सरकार इस समय पूरा ध्यान पाकिस्तान से बदला लेने पर लगाए हुए हैं। विपक्ष भी सरकार को इस बात पर समर्धन दे रही है कि वो पाकिस्तान से कड़ा बदला ले। देश का हर नागरिक इस समय पाकिस्तान से लोहा लेने के लिए तैयार है। यही बड़ी वजह फिलहाल सामने आई है जिसके कारण भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान नहीं हो रहा है।एक तरफ जहाँ कुछ जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान से बदला लेने की वजह से राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान नहीं हो रहा है तो वहीं कुछ का ऐसा मानना है कि भाजपा और संघ में किसी एक नाम को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। जिसकी वजह से देरी हो रही है। क्योंकि अगर नाम पर दोनों में सहमति बन जाती तो भाजपा अब तक नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान कर चुकी होती।फिलहाल सब की नजर पाकिस्तान से बदला और नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चेहरे पर लगातार बनी हुई है। सरकार दोनों को लेकर कब बड़ा फैसला सुनाएगी ये देखना काफी दिलचस्प होगा।

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