जनपद के बिंदकी तहसील के कई गांव इन दिनों पानी से घिरे टापू जैसे नज़र आ रहे हैं। लगातार हो रही बारिश और उफनती नदियों ने गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से तोड़ दिया है। सड़कों के टूटने और पुलियों पर पानी चढ़ जाने से ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।

गांवों में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग अपने घरों से बाहर निकलने के लिए नाव और अस्थायी साधनों का सहारा ले रहे हैं। कई घरों में पानी घुस जाने से लोग अपना सामान समेटकर सुरक्षित ठिकानों की ओर जा रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित निकालने में ग्रामीण खुद ही मशक्कत कर रहे हैं।

सबसे बड़ी मार किसानों पर पड़ी है। खेतों में धान, अरहर, तिलहन और सब्जियों की बची-खुची फसल भी पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसानों की आंखों के सामने उनकी मेहनत डूब गई। अब उनके सामने रोज़गार और परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने समय रहते बांध और जलनिकासी की व्यवस्था की होती तो उनकी फसल और जीवन दोनों बच जाते। वहीं जगह-जगह गंदा पानी जमा होने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।

हालात से परेशान ग्रामीण शासन-प्रशासन से तात्कालिक राहत और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि मदद नहीं मिली तो आने वाले दिनों में भूख और बीमारी से लड़ना उनकी मजबूरी बन जाएगी।

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