जनपद के असोथर विकास खण्ड प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत मजदूरी भुगतान में करोड़ों का घोटाला उजागर हुआ है। असोथर ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरकंडी में वर्ष 2023-24 के दौरान आवास लाभार्थियों की मजदूरी राशि अन्य व्यक्तियों के खातों में भेजी गई। जांच में 55 लाख से अधिक की गड़बड़ी सामने आई है, जिसके बाद ब्लॉक स्तर के 10 अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ असोथर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है।

मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण ने जांच की तो खुलासा हुआ कि स्वीकृत 709 आवास लाभार्थियों की मजदूरी राशि उनके खातों में न जाकर अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी गई। मनरेगा सॉफ्टवेयर से मिले आंकड़ों के आधार पर करीब 55.46 लाख रुपये की अनियमितता का खुलासा हुआ। केवल 20 लाभार्थियों की मजदूरी में ही 1.36 लाख रुपये की गड़बड़ी पाई गई।

जिन अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिम्मेदारी तय हुई है, उनमें ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता नरेंद्र गुप्ता और अजय प्रताप सिंह, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी धर्मकीर्ति, वर्तमान ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र नाथ, लेखाकार सूर्यप्रकाश, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) विपिन श्रीवास्तव, कंप्यूटर ऑपरेटर रामप्रकाश, प्रकाश सिंह और शिवम, तथा पंचायत सहायक पूनम देवी शामिल हैं। सभी पर मजदूरी की रकम गबन करने और रिकॉर्ड में हेरफेर करने का आरोप है।

असोथर थाना प्रभारी अभिलाष तिवारी ने बताया कि मामले की विवेचना उपनिरीक्षक सुनील कुमार यादव को सौंपी गई है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि मजदूरी भुगतान में लंबे समय से धांधली हो रही थी, लेकिन पहली बार इतने बड़े पैमाने पर मामला सामने आया है। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही कठोर कार्रवाई की जाएगी।

— संवाददाता शेखर सिद्दीकी ब्यूरो चीफ फतेहपुर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *