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संवाददाता -सुमन कुमार दत्ता (विशाल विचार )
पाकुड़ (झारखंड): झारखंड के पाकुड़ जिले में फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे अवैध रूप से आधार कार्ड बनाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पश्चिम बंगाल से सटे इस सीमावर्ती जिले के ग्रामीण इलाकों में चल रहे इस फर्जीवाड़े की जांच रविवार को अनुमंडल पदाधिकारी साइमन मरांडी के नेतृत्व में शुरू की गई।
जांच टीम ने शिकायतकर्ता तनवीर द्वारा दी गई जानकारी और उपायुक्त मनीष कुमार के निर्देश पर अंजना, इलामी और चांचकी गांवों का दौरा किया। जांच में सदर बीडीओ समीर अलफ्रेड मुर्मू, यूआईडीएआई प्रतिनिधि रितेश कुमार श्रीवास्तव और मुफस्सिल थाना की पुलिस भी शामिल रही। टीम ने इन गांवों में संचालित साइबर कैफे और ग्राहक सेवा केंद्रों की छानबीन की।
जांच के दौरान जिन लोगों पर फर्जी दस्तावेज़ों के ज़रिए आधार कार्ड बनवाने का आरोप था, वे मौके से गायब मिले। एसडीओ साइमन मरांडी ने बताया कि जांच के दौरान कुछ गतिविधियाँ संदिग्ध पाई गई हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी और पुलिस का सहयोग लिया जाएगा।
एसडीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन इस पूरे फर्जीवाड़े को लेकर पूरी तरह सतर्क है और जल्द ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने पाकुड़ में हो रहे इस आधार कार्ड घोटाले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया और पूरे झारखंड में एनआरसी (NRC) लागू करने की मांग की है।
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