
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के महासचिव हरीश रावत ने पटना जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात की। इसे सुगबुगाहट भरी मुलाकात माना जा रहा है किन्तु कांग्रेस की तरफ से इसे सामान्य चर्चा बताया गया है। हरीश रावत से जब पूछा गया कि क्या उन्हें किसी खास मिशन पर बिहार भेजा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हैं और मैं इस पर अभी टिप्पणी नहीं करना चाहता। हरीश रावत ने अपने सोशल मीडिया पेज पर मुलाकात का फोटो साझा किया और लिखा कि 2024 के लिए विपक्षी एकता की बुलंद आवाज़ नीतीश कुमार। हरीश रावत ने एक प्रश्न के जबाव में कहा कि हम कोई सन्त तो है नहीं जो राजनीतिक बात न करें , दो राजनेता मिलते हैं तो राजनीतिक बातें तो होती ही हैं। नीतीश कुमार तो मेरे पुराने मित्र हैं। मैं पटना उनसे सामान्य मुलाकात और उनके काम की सराहना के दृष्टिकोण से गया था। वह अच्छा काम कर रहे हैं और अच्छे काम को सभी को प्रचारित करना चाहिए। हरीश रावत से जब यह सवाल पूछा गया कि क्या पार्टी हाईकमान ने उन्हें विशेष मुलाकात के लिए भेजा गया था ? तो उन्होंने कहा कि मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हालांकि दोनों नेताओं के बीच की लम्बी मुलाकात को राहुल – नीतीश के बीच मुलाकात की अगली कड़ी माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि मुलाकात 2024 के चुनावों में विपक्ष को मजबूत करने के लिए की गई है। विपक्ष को एक करने की मुख्य भूमिका नीतीश कुमार निभा रहे हैं। अभी हाल ही में नीतीश ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के समय तेजस्वी यादव , जेडीयू के कुछ नेता और बिहार सरकार के मंत्री भी शामिल थे।
