जहाँ एक तरफ कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस ने पूर्ण बहुमत के साथ जीत दर्ज की है तो बीजेपी खेमे के कुछ मंत्री अपनी सीट तक नहीं बचा पाये। इन्हीं मंत्रियों में से एक हैं राज्य के पूर्व शिक्षामंत्री बीसी नागेश। नागेश तिप्तुर विधानसभा सीट से विधायक और मंत्री थे। अब इस बार के चुनाव में उन्हें जीत न मिल सकी। उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस नेता के.सदाक्षरी ने उन्हें 17 हजार वोटों से हराया। नागेश सरकार में मंत्री रहते हुए काफी विवादित बयानबाजी करते आये हैं। एक विवादित बयान की बात करें तो राज्य में हिजाब के मुद्दे ने जब तूल पकड़ा था तब नागेश ने भी बयान दिया था। बीते वर्ष परीक्षाओं के दौरान उन्होंने अपने एक बयान में कहा था कि छात्राओं को हिजाब पहनकर परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। यह स्वीकार्य नहीं है। नागेश ने यह भी दावा किया था कि राज्य में स्कूलों में हिजाब प्रतिबंध के बाद परीक्षा में बैठने वाली छात्राएँ बढ़ी हैं। एक मामले में एक प्रोफेसर ने एक छात्र को किसी बात को लेकर कसाब कह दिया था तो नागेश ने इस पर भी बयान दिया था और कहा था आये दिन किसी न किसी को रावण , शकुनि कहा जाता है। कसाब कहना कोई बड़ी बात नहीं है। हमारी विधानसभा में भी इस तरह की टीका – टिप्पणी होती रहती है। कसाब के बारे में कुछ भी बोलो तो लोग मुद्दा बना देते हैं। इस प्रकरण के बाद राजनीति काफी गर्म हो गई थी। हिजाब मामले में उनका बयान सख्त रूप से हिजाब के खिलाफ था। उन्होंने अपने एक बयान में कहा था कि बाइबिल और कुरान जैसी मज़हबी पुस्तकों की तुलना भगवद्गीता से नहीं की जा सकती। उनके इस बयान से मुसलमान लोग काफी नाराज़ हुए थे और उन्होंने विरोध किया था। इस मामले पर भी राजनीतिक हो-हल्ला होता रहा था।
