महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले काफी समय से हलचल मची हुई है और वह अभी भी जारी है। इसी क्रम में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक कार्यक्रम में विवादित टिप्पणी करके बवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने अपनी एक टिप्पणी में कहा कि जूते पौंछने की औकात रखने वाले सरकार में बैठे हैं। उनकी इस टिप्पणी का निशाना सीएम शिंदे ही हैं। इसकी प्रतिक्रिया में सीएम शिंदे ने भी जवाब दिया है। सीएम शिंदे ने जवाब देते हुए कहा कि जूते पौंछने वाले गरीब हो सकते हैं लेकिन वह ईमानदार होते हैं , क्योंकि वह अपने परिश्रम की रोटी खाते हैं। वे विश्वासघाती नहीं होते हैं। रिक्शाचालक , टपरी वाले और चौकीदार भी समाज का नेतृत्व कर सकते हैं। अपने पिता की उपलब्धियों की आलोचना न कर सकने वालों के बारे में तो कुछ कहना ठीक ही नहीं है। सीएम शिंदे ने आगे कहा कि यह लोग सिर्फ परिवार के बारे में सोचते हैं और कड़वाहट का चश्मा पहने रहते हैं। बिना काम किए पैसा और पद मिलने पर उनका दिमाग काम करने लगता है और इन्हें कामकाजी लोगों से कोई सरोकार नहीं होता। मुँह में सोने की चम्मच लेकर पैदा हुए लोग नीचे के लोगों को नीचा ही समझते हैं। उद्धव ठाकरे ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि जिस तरीके से हमारी सरकार गिराई गई थी , उसका बदला जरूर लिया जाएगा। जूते पौंछने की औकात रखने वाले लोग सरकार में बैठे हैं। बारसू रिफाइनरी के लिए मैंने पत्र लिखा था लेकिन अभी तक इस प्रोजेक्ट पर काम नहीं किया गया है। बुलेट ट्रेन और नाणार जैसे प्रोजेक्ट हमने रोक दिए थे क्योंकि वह महाराष्ट्र के लोगों के हित में नहीं थे और आगे मौका मिलेगा तो ऐसे कदम उठाते रहेंगे।

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