
संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों ने देश की सियासत को एक नया मुद्दा दे दिया है। भारत की जनसंख्या चीन से भी आगे निकल गयी है और इससे देश की राजनीति भी गर्म हो गई है। आँकड़ों को लेकर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के बड़े नेता गिरिराज सिंह ने देश के मुसलमानों को निशाना बनाया। गिरिराज सिंह ने अपने एक बयान में कहा कि हमारी सरकार अगर जनसंख्या के संबंध में कानून बना भी दे तो यह टुकड़े – टुकड़े गैंग सक्रिय हो जायेगी और औवेसी जैसे लोग सक्रिय हो जायेंगे कानून का विरोध करवाने के लिए। हमारे यहाँ जनसंख्या सम्बन्धी कानून बनना बहुत जरूरी है। अगर यह कानून नहीं बना तो आगे चलकर बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो जायेगी। उन्होंने आगे कहा कि मुझे यह कहने में जरा भी हिचक नहीं हो रही कि देश के सिक्खों , जैनियों , बौद्धों ने अपने धर्म में जनसंख्या नियंत्रण कानून को जरूरी माना है। लेकिन एक समुदाय है जो किसी तरह के कानून को मानने को तैयार नहीं है। गिरिराज सिंह ने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र द्वारा आईना दिखाया गया है। उन्होंने एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के एक बयान की तारीफ की। गिरिराज सिंह ने जनसंख्या कानून का विरोध करने वालों को जिन्ना का डीएनए बताया। जिन्ना के डीएनए वाले ही कानून के विरोध में चिल्लाएँगे। उन्होंने आगे कहा यह समाज धर्म के नाम पर नशा पिलाता है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम बच्चों को अगर धर्म की जगह कम्प्यूटर दोगे तो नहीं लेगा क्योंकि धर्म का नशा ही इतना पिला दिया गया है। मुस्लिम बच्चों को भी इस नशे से दूर हटकर चाँद पर जाने का अधिकार है। संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों के अनुसार भारत की जनसंख्या 1.42 बिलियन हो चुकी है। हालांकि बड़ी – बड़ी जनसंख्या सम्बन्धी एजेंसियों ने सीधे-सीधे मुस्लिम वर्ग को जिम्मेदार नहीं माना है। उनके आँकडों में मुस्लिम प्रजनन दर कम हुई है।
