सभी को पता है कि पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनकी गिरफ्तारी को लेकर उनके समर्थक पूरे पाकिस्तान में इमरान की गिरफ्तारी को लेकर बवाल मचाये हुए हैं। उनके समर्थकों ने कई जगह आगजनी व हिंसात्मक गतिविधियों के साथ तोड़ – फोड़ की है। बड़े शहरों जैसे :- रावलपिंडी , लाहौर , पेशावर , इस्लामाबाद जैसे कई क्षेत्रों में हिंसा लगातार जारी है। पीटीआई के कार्यकर्ता जहाँ मौका मिल रहा है , पुलिस और सेना से भिड़ जा रहे हैं। इंटरनेट पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालात बहुत अधिक चिंताजनक बने हुए हैं। पाकिस्तान में एक तरह से गृहयुद्ध जैसी स्थिति देखने को मिल रही है और अगर ऐसा ही रहा तो पाकिस्तान में मार्शल लॉ की जरूरत पड़ सकती है। सोशल मीडिया पर लगातार यह कहा जा रहा है कि पाकिस्तान में लोकतंत्र खतरे में है। उसे हमें बचाना होगा। पाकिस्तान की इस स्थिति पर भारत में भी सुगबुगाहट हो रही है। कई भारतीय राजनीतिज्ञों ने इस विषय पर अपने बयान दिए हैं। इसी के तहत जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूख अब्दुल्ला ने कहा है कि भारत के लिए पाकिस्तान का स्थिर होना बेहद जरूरी है। अब्दुल्ला ने कहा कि अस्थिर पाकिस्तान उसके सभी पड़ोसियों को नुकसान में डाल सकता है। पाकिस्तान में फिर से लोकतंत्र की बहाली होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान , भारत के पड़ोस में है। ऐसे में पाकिस्तान की हालत का प्रभाव भारत पर भी पड़ सकता है। मैं कामना करता हूँ कि वहाँ स्तिथि जल्द संभल जाये जिससे भारत भी इससे बचा रहे। अब्दुल्ला ने भारतीय उपमहाद्वीप में शान्ति के बिंदु को आधार बनाकर भारत – पाकिस्तान के बीच वार्तालाप फिर से शुरू करने की पहल करने की बात भी कही है। उन्होंने आगे कहा कि हमें अपने पड़ोसी से संबंध जल्द सुधारने होंगे। जम्मू-कश्मीर को लेकर उन्होंने कहा कि यहाँ के हालात अगर ठीक हैं तो सरकार यहाँ चुनाव क्यों नहीं करवा रही है ? फारूख ने कहा कि अब जम्मू कश्मीर में एक निर्वाचित सरकार होनी चाहिए और बीजेपी जगह-जगह घोषणा करके 50 सीट जीतने को कहती रहती है तो केंद्र सरकार को चुनाव कराने में दिक्कत क्या है ?
