केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। इसी के तहत जम्मू कश्मीर के पहले निजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का काम शुरू हो गया है। दिल्ली के मिल्ली ट्रस्ट द्वारा इस अस्पताल को पुलवामा जिले के सेमपोरा इलाके में बनाया जा रहा है। अस्पताल सरकार की उन दो मेडिसिटी का हिस्सा हैं जिनकी घोषणा सरकार ने पिछले साल की थी। मेडिसिटी के अंदर सरकार मेडिकल कॉलेज , अस्पताल , सुपर स्पेशियलिटी सेंटर , नर्सिंग कॉलेज , डेंटल कॉलेज , आयुर्वेदिक कॉलेज , आयुष केंद्र आदि बनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि पहले चरण में 5 अस्पताल , दो मेडिकल कॉलेज और एक नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र सह अस्पताल तैयार किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में मेडिकल कॉलेज स्थापना करने वाला मिली ट्रस्ट पहला संस्थान है। युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए ट्रस्ट द्वारा करीब 525 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जानी है। मेडिकल कॉलेज करीब डेढ़ सौ एमबीबीएस सीटों के साथ तैयार किया जाएगा। साथ ही 100 बेडों वाले अस्पताल में सस्ती दर पर विश्वस्तरीय सुविधाएँ दी जाएँगी। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की आधारशिला उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा रखी गई। उन्होंने बताया कि इस कदम से करीब 2000 युवाओं को रोजगार मिलेगा। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आगे बताया कि जम्मू कश्मीर में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए निजी क्षेत्र द्वारा यह सबसे बड़े निवेशों में से एक है। इस निवेश के कदम से क्षेत्र की दक्षता में सुधार होगा। उपराज्यपाल ने कहा कि यह बदलते हुए कश्मीर के लिए लाभदायक स्थिति होगी और आने वाले समय में निजी क्षेत्र जम्मू-कश्मीर में और आगे बढ़ेगा। कश्मीर के सेमपोरा क्षेत्र में मेडिसिटी के तहत अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 8 फर्मों को चुना गया है। पिछले साल सरकार द्वारा जम्मू और कश्मीर में एक-एक मेडिसिटी को मंजूरी दी गई थी। मेडिसिटी तैयार करवाने का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करना तथा आपातकालीन स्थिति के लिए त्वरित रूप से तैयार होना है। ‌

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