
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर एक वक्तव्य दिया और कहा कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव में 224 के आधे आँकडे से 15/20 सीटें ज्यादा ही जीतेगी। उन्होंने कहा कि किसी के हमारी पार्टी छोड़कर जाने से हमारे जनाधार में कोई कमी नहीं होगी। चाहे कोई दल-बदल करे। हमारी पार्टी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आगे उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह रहा है कि जिसने भी पार्टी से बगावत की है , वह चुनाव नहीं जीता है। शाह ने एक बयान में कहा कि किसी ने ओबीसी समुदाय को अपमानित करने के लिए राहुल गाँधी को नहीं कहा है। उन्हें माफी नहीं माँगनी है , यह उनका खुद का फैसला है। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गाँधी की सदस्यता जिस कानून की वजह से गई है , वह कानून कांग्रेस सरकार में ही बनाया गया था। मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने इस कानून को रद्द करने की भी कोशिश की थी , लेकिन इसके लिए जो अध्यादेश आया था , उसे राहुल गाँधी ने खुद फाड़ा था। अब खुद को पीड़ित दिखाने की कोई गुंजाइश नहीं है। इस देश में कोई भी परिवार कानून से ऊपर नहीं है। सत्यपाल मलिक के विषय में कहा कि उन्हें सीबीआई द्वारा तलब किए जाने का मतलब पीएम मोदी और सरकार की आलोचना कतई नहीं हो सकता। बीजेपी ने ऐसा कुछ नहीं किया, जिसे छिपाने की जरूरत है। मीडिया और अन्य विश्लेषकों को इसका मूल्यांकन करना चाहिए। शाह ने आरोप लगाते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने कर्नाटक का इस्तेमाल एटीएम की तरह किया था। यूपीए सरकार के दौरान कर्नाटक को 95 हजार करोड़ की राशि दी गई थी। एनडीए सरकार ने यही राशि बढ़ाकर औसतन 2.2 लाख करोड़ कर दी है। आरक्षण के विषय पर भी अमित शाह ने अपनी बात रखी और कहा यूपीए ने असंवैधानिक तरीके से मुस्लिमों को चार प्रतिशत आरक्षण दिया जो धार्मिक आधार पर आरक्षण देने की आधारभूत बात के खिलाफ है। हमने इसके विपरीत एससी , एसटी , लिंगायत और वोक्कालिगा समुदाय का आरक्षण कोटा बढ़ाया है।
