न्याय मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसारिया ने एक रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में विजय हंसारिया ने सुप्रीम कोर्ट से निवेदन किया है कि वह सांसदों और विधायकों के आपराधिक मामलों को जल्द से जल्द हटाने के निर्देश जारी करे। साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि एमपी – एमएलए कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या का मूल्यांकन खुद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा होना चाहिए। विजय हंसारिया को सांसदों और विधायकों पर लंबित आपराधिक मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के लिए कोर्ट ने न्याय मित्र के रुप में नियुक्त किया है। विजय हंसारिया ने इस विषय से संबंधित सुप्रीम कोर्ट को एक रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में उन्होंने निवेदन किया है कि इस तरह की विशेष अदालतों के न्यायाधीशों के तबादले आदि पर भी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नजर होनी चाहिए। उन्होंने एक सुझाव यह भी दिया कि किसी भी न्यायाधीश के तबादले से पहले यह भी देखा जाए कि किसी ट्रायल के पूरा होने के बाद कोई मामला अंतिम निर्णय के लिए उनके द्वारा बचा हुआ तो नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि तबादले होने के बाद पदों को जल्द से जल्द भरा जाना चाहिए न कि वह लंबे समय तक खाली पड़े रहें। सुप्रीम कोर्ट इस संबंध में राज्यों के सभी हाईकोर्टों से अपने यहाँ के सांसदों और विधायकों पर पिछले 5 साल के आपराधिक मामलों की सुनवाई से संबंधित जानकारियाँ माँग चुका है। राज्यों के अनुसार मामलों की बात करें तो मद्रास हाईकोर्ट में करीब 250 मामले दर्ज हैं जिसमें की 5 साल से पुराने मामले 50 से अधिक हैं। पुडुचेरी में भी करीब 23 मामले दर्ज हैं जिसमें से करीब 12 मामले 5 साल या उससे ज्यादा पुराने हैं। यहाँ पर न्याय मित्र के सुझावों के अनुसार काफी उपाय अपनाए जा चुके हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट में भी फरवरी तक इस तरह के करीब 472 मामले थे। यहाँ पर मामलों को तेजी से निस्तारित किया जा रहा है और इसे हाईकोर्ट खुद देख रहा है। मामलों को विशेष परिस्थितियों में ही स्थगित किया जा रहा है। अन्यथा स्थगन को महत्व नहीं दिया जा रहा है। पंजाब – हरियाणा हाईकोर्ट के अंडर एमपी एमएलए पर पंजाब में 100 , हरियाणा में 49 और चंडीगढ़ में 9 मामले हैं। इन्हें भी हाईकोर्ट अपनी निगरानी में निस्तारित करवा रहा है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के अंडर भी इस तरह के करीब 304 मामले हैं जिसमें से 22 मामले 5 वर्ष या उससे अधिक पुराने हैं। आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के अंडर भी जल्द से जल्द मामलों की सुनवाई जारी है‌। इसके लिए विजयवाड़ा में एक विशेष अदालत में सुनवाई तेजी से चल रही है। इसी तरह अन्य हाईकोर्ट भी अपने कार्य निष्पादन में लगे हुए हैं।

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